ब्राह्मण के रहमो करम पर संविधान सभा में आये थे अम्बेडकर : Yogesh Mishra

संविधान का निर्माण एक संविधान सभा ने किया है ! लेकिन आजकल अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जाति वाले यह गलत प्रचार करते हैं कि संविधान को आंबेडकर ने बनाया है ! संविधान सभा में 299 लोग थे ! इन सब लोगों ने मिलकर संविधान बनाया था ! जिसमें 90 % सामान्य वर्ग वाले लोग थे !

संविधान सभा के कानूनी सलाहकार बी. एन. राव थे ! राव ने ही संविधान का पहला प्रारूप बनाया था ! इस प्रारूप की जांच के लिये एक प्रारूप समिति बनाई गई थी ! इस समिति में 8 लोग थे ! जिसमें सिर्फ 1 सदस्य आंबेडकर था ! उस वक्त भी कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति लोगों को खुश करने और अपना वोट बैंक बनाने के लिये आंबेडकर को प्रारूप समिति का अध्य्क्ष बना दिया !

आंबेडकर को संविधान सभा में बंगाल से चुना गया था ! लेकिन 1947 मे भारत विभाजन के बाद आंबेडकर का चुनाव क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान चला गया था ! तब आंबेडकर का संविधान सभा में पहुंचना मुश्किल हो गया था ! तब बड़े दिल वाले उदार ब्राह्मण महापुरुष पी. जयकर ने पुणे की अपनी सीट आंबेडकर के लिये खाली कर दी ! ताकि आंबेडकर संविधान सभा पहुँच सकें !

यह इस बात का प्रमाण है कि जनरल केटेगरी वाले हमेशा से सब लोगों का भला चाहते हैं ! संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद थे ! लेकिन जनरल केटेगरी का होने के कारण इनका नाम नहीं लिया जाता है ! संविधान सभा के बहस में नेहरू जी और पटेल जी का अहम् योगदान था ! लेकिन इन दोनों का नाम भी हटा दिया गया ! डॉ. राधाकृष्णन सभा के प्रथम प्रवक्ता थे ! लेकिन जनरल होने के कारण इनका नाम भी हटा दिया गया !

लेकिन अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति वाले उल्टे जनरल वालों को ही गाली देते हैं ! सभा में एन. गोपाल स्वामी आयेंगार, ए. के. अय्यर, डी. पी. खेतान, एस. एम. साद्धुल्लह, बालदेव सिंह जैसे महान लोग थे ! लेकिन षड़यंत्र और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति लोगों को खुश कर उनका वोट लेने के लिये सिर्फ आंबेडकर को संविधान निर्माता कहा जा रहा है ! संविधान के असली निर्माता तो बी. एन. राव और राजेंद्र प्रसाद हैं !

लेकिन राजनैतिक तुष्ठिकरण और आरक्षण की पॉलिटिक्स तथा वोट बैंक की पालिसी ने असली लोगों को भुला दिया ! आंबेडकर को संविधान निर्माता बताकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जाति वाले देश पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं ! ताकि जनरल केटेगरी के लोगों को दबाकर इनका शोषण किया जा सके ! लेकिन इससे भारत की एकता समाप्त हो रही है और समाज खंडित हो रही है ! हमें संविधान सभा के सभी 299 सदस्यों को सम्मान के साथ याद करना चाहिये ! इसी में देश की भलाई है !

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योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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