Yogesh Mishra

दिव्य आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्ति के लिये क्या करें ? ज्ञानवर्धक जरूर पढ़े !

दिव्य आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति में मन चंचलता के रूप में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करता है | अधिकांशतः यह होता है कि हमे हमारा मन जहाँ ले जाये वही बह जाते है और उस के अनुरूप व्यवहार करते है | मन की चंचलता को आसानी से नियंत्रित नही किया …

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आरंभिक साधक को नकारात्मक विचारों वाले व्यक्तियों से क्यों दूर रहना चाहिए ? जरूर पढ़ें !

दो व्यक्तियों के मध्य सकारात्मक ऊर्जा का आदान प्रदान हो यह आवश्यक नहीं. इसका अर्थ यह है कि नकारात्मक ऊर्जा किसी दुसरे व्यक्ति से सात्विक व्यक्ति को बिना किसी चेतावनी के शांत रूप में प्रवेश कभी भी कर सकती है. सात्विक व आध्यात्मिक व्यक्ति की ऊर्जा की प्रकृति और कार्यशैली, …

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आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा का क्षय कैसे हो जाता है ? क्षय होने से बचाने के उपाय !

आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा के क्षय का सबसे प्रमुख कारण मन के सभी छोटे और बड़े नकारात्मक विचार होते हैं | ऐसे विचारो मे अधिकांशतः विचार तुलनात्मक , निषेधात्मक और अपेक्षात्मक होते हैं, जो कि मानव मन को असहज बना देते हैं | भविष्य की आवश्यकता से भी अधिक चिन्ता भी …

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वास्तु दोष और कुंडली में कारावास योग क्या है दोनों का संबंध ! जरूर पढ़ें ! योगेश मिश्र

वास्तु दोष और कारावास योग: क्यों फसता है व्यक्ति मुकदमे, जेल और कानूनी कार्यवाहियों में? बहुत से वास्तु दोष ऐसे हैं जिनके कारण भूखण्ड में ऊर्जा वितरण में असमानता आ जाती हैं। ऊर्जा नाड़ीयां जब विकृत हो जाती हैं या ऊर्जा प्रवाह में रूकावट आती हैं तो विनाश के लक्षण …

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कुंडली में बृहस्पति भी हो सकता है आपके मोटापे का कारण, ज्ञानवर्धक लेख जरूर पढ़ें !

समान्यतः ऐसा माना जाता है कि बृहस्पति आशावाद के प्रतीक हैं, गुरू हैं, ग्रह हैं तथा देवताओं के मुख्य सलाहकार हैं। वे उपदेशक हैं, प्रवाचक हैं तथा सन्मार्ग पर चलने की सलाह देते हैं। वे विज्ञान हैं, दृष्टा हैं तथा उपाय बताते हैं जिनसे मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो। यदि गुरू …

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जानिये: कौन से राजयोगों से व्यक्ति बन जाता है युग पुरुष,क्या आपकी कुंडली में भी है ऐसे योग ? जरूर पढ़ें ! Yogesh Mishra

कुण्डली के उपचय – त्रिषडाय तथा त्रिक भावों से बनने वाले राजयोग भी जातक ग्रंथों में पाये जाते है। ये राजयोग भी वास्तविक हैं तथा समाज में उच्च स्थान प्राप्त विशिष्ट व्यक्तियों की कुण्डलियों में देखे जा सकते हैं। लग्र से उपचय स्थानों में समस्त शुभ ग्रह हों तो अति …

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5000 वर्ष पूर्व महाभारत काल का ये वृक्ष सूखने की कगार पर हैं,जानिये इसे कैसे बचाया जा सकता है !

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पाए जाने वाले इस पारिजात वृक्ष की उम्र वनस्पति वैज्ञानिकोँ के अनुसार 5000 साल हो सकती है.यह दुर्लभ प्रजातिका पारिजात वृक्ष “देवताओं और राक्षसों के बीच हुए समुद्र मंथन” की याद दिलाता हैं. किन्तु पर्याप्त रखरखाव के अभाव में कीट पतंगों और दीमक से इस …

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जानिये: माँ बगलामुखी की साधना की पूर्ण विधि:पंडित योगेश मिश्र !

माँ बगलामुखी की साधना करने के लिए सबसे पहले एकाक्षरी मंत्र ह्ल्रीं की दीक्षा अपने गुरुदेव के मुख से प्राप्त करें। एकाक्षरी मंत्र के एक लाख दस हजार जप करने के पश्चात क्रमशः चतुराक्षरी, अष्टाक्षरी , उन्नीसाक्षरी, छत्तीसाक्षरी (मूल मंत्र ) आदि मंत्रो की दीक्षा अपने गुरुदेव से प्राप्त करें …

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ब्राह्मण होने का अधिकार सभी को है,जानिये: कोई व्यक्ति कैसे ब्राह्मणत्व को उपलब्ध हो सकता है !

ब्राह्मण होने का अधिकार सभी को है चाहे वह किसी भी जाति, प्रांत या संप्रदाय से हो। अगर साहस है तो ब्राह्मण बन कर दिखाओ | अपने राजनीतिक लाभ के लिए ब्राह्मणों को गाली देना तो बहुत आसान है लेकिन ब्राह्मण के जो सामाजिक,राजनैतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक कर्तव्य हैं, उनका निर्वहन …

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जानिये : दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के हस्तान्तरण व रूपांतरण किसके द्वारा होता है !

ऊर्जा के हस्तान्तरण के लिए ज्ञान और ईश्वर की कृपा होना आवश्यक है. उदाहरण के लिए बिना जाने विदुत के तार को सीधे पकड़ लिया जाये तो व्यक्ति को करेंट लग कर करंट की क्षमता के अनुसार शारीरिक नुकसान होता है. विद्युतीय करंट उदासीन है , उसका कर्म है केवल …

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