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पढ़िये क्या है ।। श्री भृगु संहिता सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र ।। Yogesh Mishra

श्री भृगु ऋषि द्वारा रचित सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र प्रायः सभी स्त्रोत में सर्वोत्तम है! इस स्त्रोत के पठन मात्र से व्यक्ति अपनी कुंडली में उपस्थित किसी भी प्रकार का ग्रह दोष या फिर भूत-प्रेत और शत्रुओ का डर ही क्यों न हो सम्पूर्ण विजय प्रदान करने वाला है। इस स्तोत्र …

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शैव और वैष्णव मंदिरों की निर्माण शैली अलग-अलग है ! Yogesh Mishra

tभारतीय स्थापत्य कला व शिल्पशास्त्रों के अनुसार मंदिरों विशेषत: हिंदू मंदिरों की तीन मुख्य शैलियाँ हैं – नागर शैली : मुख्यत: उत्तर भारतीय शैली द्रविड़ शैली : मुख्यत: दक्षिण भारतीय शैली वेसर शैली : नागर-द्रविड़ मिश्रित मुख्यत: दक्षिण-पश्चिमी भारतीय शैली नागर शैली से तात्पर्य वैष्णव वास्तु पद्धति के अनुसार निर्मित …

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मंदिरों के विशेष वास्तु और स्वरूप | बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख | Yogesh Mishra

मंदिरों के विशेष वास्तु और स्वरूप मंदिरों को उनकी विशिष्ट विशेषताओं के आधार पर पांच आदेशों में वर्गीकृत करते हैं: नागारा, द्रविड़, वेसर, अंडाकार और आयताकार ! प्रत्येक के लिए वर्णित योजना वर्ग, अष्टकोणीय और apsidal शामिल हैं ! उनकी क्षैतिज योजना लंबवत रूप को नियंत्रित करती है ! बदले …

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“बगलामुखी” के सत्य स्वरूप को जानिये ! Yogesh Mishra

लोक सभा चुनाव आ गया है आज कल बगलामुखी अनुष्ठान के नाम पर खूब ठगी हो रही है ! प्रायः चुनाव के समय इसके अनुष्ठान चुनाव जीतने के लिये खूब होते हैं ! पर चुनाव जीतता तो कोई एक ही है ! अर्थात चुनाव जीतना तो मेहनत और पुरुषार्थ का …

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त्याग से नहीं विरक्ति से मोक्ष प्राप्त होता है !! Yogesh Mishra

त्याग और विरक्ति यह मन की दो अलग-अलग स्थिती है ! त्याग मनुष्य बल पूर्वक करता है ! विरक्ति मन की सहज अवस्था है ! त्याग में व्यक्ति चयन करता है क्या छोड़ें क्या न छोड़ें परन्तु विरक्ति में व्यक्ति का किसी भी चीज के प्रति आकर्षण नहीं होता है …

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तंत्र की भ्रामक प्रस्तुती से रहें सावधान | Yogesh Mishra

अंग्रेज भारत के तांत्रिको से इतना डरते थे कि उन्होंने इसके प्रभाव को रोकने के लिये अनेक कानून बनाये थे ! जादू-टोना, शकुन, मुहूर्त, मणि, ताबीज आदि अंधविश्वास की संतति हैं ! इन सबके अंतस्तल में कुछ धार्मिक भाव हैं, परंतु इन भावों का विश्लेषण नहीं हो सकता ! इनमें …

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जानिये सद्गुरु से सुदीक्षा लेनी क्यों अवश्यक है ! Yogesh Mishra

गणना से परिवर्तन को समझने की उत्पत्ति हुई है ! हम जिस किसी भी वस्तु या पदार्थ की गणना कर सकते हैं वहां पर परिवर्तन किया जाना निश्चित रूप से अवश्य शंभावी है या हो सकता है अर्थात दूसरे शब्दों में कहें कि हम जो कुछ भी गिन सकते हैं, …

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भारत की मूल शैव संस्कृति की उत्पत्ति कश्यप ऋषि से हुई थी ! Yogesh Mishra

महर्षि कश्यप ब्रम्हा के मानस पुत्र मरीचि के पुत्र थे ! इस प्रकार वे ब्रम्हा के पोते हुए ! महर्षि कश्यप ने ब्रम्हा के पुत्र प्रजापति दक्ष की 17 कन्याओं से विवाह किया ! संसार की सारी जातियां महर्षि कश्यप की इन्ही 17 पत्नियों की संतानें मानी जाति हैं ! …

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जानिये उपनिषद क्या हैं ! ये वेदों की कुंजी कैसे हैं | Yogesh Mishra

वेद का वह भाग जिसमें विशुद्ध रीति से आध्यात्मिक चिन्तन को ही प्रधानता दी गयी है और फल सम्बन्धी कर्मों के दृढ़ानुराग को शिथिल करना सुझाया गया है, वह ‘उपनिषद’ कहलाता है ! वेद का यह भाग उसकी सभी शाखाओं में प्रमुख है ! शाखागत उपनिषदों में से कुछ अंश …

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जानिये वैष्णवो ने शैवों की धरती भारत को अपना कैसे बतलाया Yogesh Mishra

श्रीमद्भागवत पुराण के पञ्चम स्कन्ध में भारत राष्ट्र की स्थापना का वर्णन आता है ! भारतीय वैष्णव दर्शन के अनुसार सृष्टि उत्पत्ति के पश्चात ब्रह्मा के मानस पुत्र स्वयंभू मनु ने व्यवस्था सम्भाली ! इनके दो पुत्र, प्रियव्रत और उत्तानपाद थे ! इन्हीं प्रियव्रत के दस पुत्र थे ! तीन …

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