जानिये: कैसे बाथरूम और टॉयलेट एक साथ प्रबल वास्तुदोष उत्पन्न करते है ,योगेश मिश्र !

आज कल घरों में बाथरूम और टॉयलेट एक साथ होना एक फैशन बन गया है लेकिन इससे घर में प्रबल वास्तुदोष उत्पन्न होता है।

इस दोष के कारण घर में रहने वालों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है पति-पत्नी एवं परिवार के अन्य सदस्यों के बीच अक्सर मनमुटाव एवं वाद- विवाद, मानसिक तनाव, अवसाद, धन-हानि आदि की स्थिति बनी रहती है।

बाथरूम और टॉयलेट एक दिशा में एक साथ होने पर वास्तु का यह नियम भंग होता है।

कारण:– स्नानघर में चन्द्रमा का निवास होता है तथा शौचालय में राहु का निवास होता है ।

इन दोनों के एक साथ होने पर चन्द्र ओर राहु का ग्रहण दोष बन जाता है ।

चन्द्रमा मन ओर जल है ओर राहु काली छाया ओर विष है ।

जब स्नानघर के जल में विष का प्रभाव होगा तो उस जल से स्नान करने वाले के जीवन में उपरोक्त समस्याएँ आने लगेगी ।

अगर आपके घर में किसी टोंटी से पानी टपकता हो , या आप जरूरत से ज्यादा पानी बर्बाद करते हो तो सावधान हो जाइये ।

क्यों कि जल ओर मन का स्वामी चन्द्र है, चन्द्र धन ओर शान्ती का भी प्रतिनिधित्व करता है।
पानी टपकने या बहने के साथ आपके घर का धन, शान्ती भी उसी पानी से टपक टपक कर बहती जायेगी।

अगर आप किसी स्थान पर बहते हुये पानी को बचाते हो तो आपका चन्द्रमा बलवान होगा ओर आपको शुभ परिणाम मिलेंगे । ज्योतिष ओर वास्तु एक दूसरे के पूरक है । इससे मानव अपना जीवन काफी हद तक सुखी कर सकता है ।

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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