समपन्नता के लिये मात्र सोच बदलीये बस ! : Yogesh Mishra

“गरीबी बहुत-सी आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है इसलिए अपनी गरीबी की समस्या को हल करने के लिए स्वयं की सोच पर सर्वाधिक कार्य करने की जरूरत है !

भारत में गरीबी सदैव से एक बड़ी चुनौती बनी रही है ! गरीबी का सम्बन्ध केवल आय या कैलोरी से जोड़कर करना सही नहीं होगा, बल्कि हमें यह भी देखना चाहिए कि लोगों की गरीबी के षडयंत्र से रक्षा कहाँ तक हो पायेगी ! इनके लिए रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, व रोजगार की सुविधाओं के पीछे रचे जाने वाले षडयंत्र को भी विस्तार से समझना होगा !

गरीबों को केवल सस्ती शिक्षा, सस्ता अनाज और सस्ती दवाईया, सस्ता आवास दे देने मात्र से समाप्त नहीं किया जा सकता है बल्कि इस सबसे समाज में गरीबी और बढ़ती है ! इसके अतिरिक्त जिस प्रकार से गरीबी और गरीबी की रेखा पर विचार किया जाता है, ठीक उसी प्रकार अमीरी और अमीरी रेखा पर भी विचार किया जाना चाहिये ! तभी धन के असंतुलित वितरण पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा !

आखिर मात्र अमीर पूंजीपतियों को ही अनियंत्रित लोन क्यों दिये जाते हैं ! जबकि सभी यह जानते हैं कि वह लोग प्राय: लोन वापस भी नहीं करते हैं और इन अमीर पूंजीपतियों के न वापस किये गये लोन को सत्ता माफ़ भी कर देती है ! जबकि एक गरीब से लोन वसूली के लिये उसकी घर सम्पत्ति भी कुर्क कर ली जाती है और संविधान यह चिल्लाता ही रह जाता है कि देश में सभी नागरिकों के लिये कानून बराबर है !

इसलिये यह जरुरी नहीं है कि गरीबों को उनकी गरीबी से बाहर निकलने के लिये उनको जीवन की अनिवार्य आवश्यकताएं और सेवाएँ सस्ती या नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएँ बल्कि जरुरी यह है कि उन्हें इस तरह प्रशिक्षित किया जाये कि उनकी औसत आयु बढ़ सके, उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा हो सके और उनके अन्दर विकसित गरीबी की मानसिकता से उनको छुटकारा मिल सके ! मात्र कुछ धूर्तों को कौशल विकास केन्द्र के नाम पर पैसे बाँट दे देने से गरीबों का विकास नहीं होगा !

इसके लिये हमें समझना होगा कि गरीबी क्या है ? यह कैसे पैदा की जाती है ! गरीबों के आय-व्यय को विश्व माफियाओं द्वारा कैसे नियंत्रित किया जाता है ! कुपोषण, अर्द्ध-भुखमरी व भूख से मौतों के मानसिक षडयंत्र कैसे रचे जाते हैं ! इनसे गरीबों को कैसे बचाया जा सकता है क्योंकि गरीबी एक षडयंत्र का परिणाम है ! जो अनादि काल से समाज के धूर्त, चालक, मक्कार वर्ग द्वारा चलाया जा रहा है !

इसी षडयंत्र का खुलासा करने के लिये सनातन ज्ञान पीठ “विश्व सत्ता” के नाम से एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने जा रही है ! जिससे आम आवाम गरीबी के षडयंत्र को समझ सके ! आप भी कार्यालय में अपना पंजीकरण करवा कर इस ज्ञान वर्धक सत्र का लाभ उठाईये !!

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

Check Also

संबंधों के बंधन का यथार्थ : Yogesh Mishra

सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते करते मनुष्य कब संबंधों के बंधन में बंध जाता है …