कैसे आपको सामूहिक भविष्य कथन के नाम पर मूर्ख बनाया जाता है ? जरूर देखें ।

मित्रो प्रायः देखा जाता है कुछ ज्योतिषी लोग अपने ज्योतिष के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए टी0 वी0, समाचार पत्र, मैगजीन या अन्य पत्र-पत्रिकाओं में कुछ न कुछ सामूहिक (एक साथ सभी राशियों) का भविष्यकथन करते रहते हैं और समाज में सीधे-साधे भोले-भाले लोग बिना ज्योतिष के विज्ञान को समझें इन तथाकथित ज्योतिषियों द्वारा किए गए भविष्य कथन एवं भविष्य कथन के द्वारा आने वाली समस्याओं के निदान हेतु जो उपाय बतलाए जाते हैं उनका बड़ी कठोरता के साथ समस्या निवारण हेतु पालन करते है ।

किंतु प्रश्न यह खड़ा होता है कि क्या ज्योतिष के किसी भी सिद्धांत के तहत सामूहिक (एक साथ सभी राशियों का ) भविष्य कथन किया जा सकता है ??

उत्तर है नहीं ?

मित्रो ज्योतिष का महत्वपूर्ण विषय यह है कि जिस तरह दो व्यक्तियों के अंगूठे के निशान एक जैसे नहीं हो सकते या दो व्यक्तियों के आंख के रेटिना का डिजाइन एक जैसा नहीं हो सकता,जिस तरह दो व्यक्तियों की दिल की धड़कन एक जैसी नहीं हो सकती । ठीक उसी तरह कभी भी दो व्यक्तियों की जन्मकुंडली एक जैसी नहीं हो सकती चाहे वह जुड़वा संतान के रूप में ही क्यों न पैदा हुए हो ।

दैनिक सामूहिक भविष्य कथन के लिए गोचर की गणना को आधार बनाया जाता है जबकि ज्योतिष शास्त्र यह बतलाते हैं कि प्रत्येक ग्रह अपनी निश्चित गति से आकाश मंडल में भ्रमण करते हैं | जिन्हें एक राशि पार करने में
अलग-अलग लंबा समय लगाना पड़ता है

जैसे कि शनि ग्रह लगभग ढाई वर्ष में एक राशि को पार करता है,

राहु और केतु डेढ़ वर्षों में एक राशि को पार करते हैं ,

इसी प्रकार बृहस्पति एवं मंगल ग्रह भी लगभग 1 वर्ष में एक राशि को पार करते हैं
सूर्य एक माह में एक राशि को पार करता है ।

एवं उसके साथ उसके निकट रहने वाला शुक्र व बुध ग्रह भी सूर्य के साथ ही लगभग 1 माह में एक राशि को पार करते हैं |

मात्र चंद्रमा ही एक ऐसा उपग्रह है जो सबसे तेज गति से पृथ्वी के चारों ओर भ्रमण करता है फिर भी इसे एक राशि को पार करने में लगभग सवा 2 दिन का समय लगता है |

गोचर की गणना सदैव चंद्रमा को केंद्र में मान कर की जाती है फिर भी यदि चंद्रमा सवा दो दिन तक एक ही राशि में रहता है और बाकि ग्रहों की एक राशी में लंबी अवधि तक होने के बाद भी दैनिक गोचर गणना के द्वारा सामूहिक भविष्य कथन या सामूहिक राशिफल कथन किया जाना ज्योतिष के मूल सिद्धांतों के विपरीत है ।

ऐसी स्थिति में जो लोग टी0 वी0, पर समाचार पत्रों में या अन्य किसी भी तरह के माध्यम से दैनिक भविष्य कथन का सामूहिक (एक साथ सभी राशियों का फल बताने का) दावा करते हैं वह समाज के साथ धोखाधड़ी ही नहीं बल्कि ज्योतिष विज्ञान के साथ भी धोखाधड़ी करते हैं |

यदि सामूहिक दैनिक भविष्य कथन को ज्योतिष के मूल सिद्धांतों पर अजमाया जाए तो भी इस पृथ्वी पर प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकुंडली अलग-अलग होती है और प्रत्येक व्यक्ति का महादशा चक्र, ग्रहों की गति, ग्रहों का षड्बल, ग्रहों की पारस्परिक दूरी, ग्रहों का मार्गी या वक्री होना, ग्रहों का उच्च या नीच राशि में स्थापित होना, ग्रहों के दृष्टि संबंध, ग्रहों के भाव संबंध, भावेश की स्थिति, कारक ग्रहों का कुंडली में स्थान, कारक ग्रहों के बल, कारक ग्रहों का महादशा के साथ संबंध की स्थिति एवं गोचर की गणना आदि भविष्य कथन के लिए
अलग अलग व्यक्तियों के लिये अलग अलग निष्कर्ष पर पहुंचाती है ।

ऐसी स्थिति में कोई भी सही ज्योतिषी या ज्योतिषीय सिद्धांत इस बात की स्वीकृति नहीं देते हैं दैनिक सामूहिक भविष्य कथन किया जा सकता है अतः जागरुकता के लिए लिखे गए इस लेख को आप समझे और किसी भी माध्यम से पत्र – पत्रिकाओं, टी0वी0, इंटरनेट, मोबाइल ऐप या अन्य किसी भी माध्यम से यदि कोई ज्योतिषी सामूहिक भविष्य कथन (एक साथ सभी राशियों )का दावा करता है तो यह सामूहिक राशिफल या भविष्य कथन का दावा गलत है और ज्योतिष के मूल सिद्धांतों के साथ तथा समाज के साथ धोखाधड़ी है |

कृप्या ऐसी धोखाधड़ी से बचे , टीवी चैनलो ,अखबारों मे आने वाला सामूहिक राशिफल पूर्ण रूप से अवैज्ञानिक है ।

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

comments

Check Also

आरंभिक साधक को नकारात्मक विचारों वाले व्यक्तियों से क्यों दूर रहना चाहिए ? जरूर पढ़ें !

दो व्यक्तियों के मध्य सकारात्मक ऊर्जा का आदान प्रदान हो यह आवश्यक नहीं. इसका अर्थ …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *