कुंडली में नीच ग्रह से घबराएँ नहीं , ये आपको राजयोग भी दे सकता है । योगेश मिश्र

ज्योतिष विद्या में अक्सर सुनने में आता है कि आपका यह ग्रह नीच का है और लोग उसे सुनकर डर जाते हैं या अल्पज्ञानी ज्योतिषीयों द्वारा डरा दिये जाते हैं । अगर आपकी कुंडली में कोई ग्रह नीच राशि में बैठा हो या शत्रु भाव में हो तो आम धारणा यह होती है कि जब उस ग्रह की दशा आएगी तब वह कष्टकारी फल देगी | लेकिन यह बात गलत है इसके शुभ परिणाम भी दिखते हैं | जिन्हें ज्योतिषीय भाषा में “नीच भंग राजयोग” कहा जाता है|

1- ज्योतिष के नियमों में यह बताया गया है कि नवमांश कुण्डली में अगर कोई ग्रह उच्च राशि में बैठा हो तो जन्म कुण्डली में नीच राशि में होते हुए भी वह नीच का फल नहीं देता है| क्योंकि इस स्थिती में उनका नीच भंग होकर राज योग बन जाता है !

2- इसके अलावा जिस राशि में ग्रह नीच होकर बैठे हो उस राशि का स्वामी अपनी उच्च राशि में विराजमान हो तो नीच ग्रह का दोष नहीं लगता है |

3- जब कोई ग्रह नीच राशि में विराजमान होकर उसके साथ उच्च का ग्रह बैठा हो तो भी नीच भंग प्रबल राज योग बन जाता है |

4- जिस राशि में ग्रह नीच का होकर बैठा है उस राशि का स्वामी जन्म राशि (चन्द्र कुण्डली में ) से केन्द्र में विराजमान है साथ ही जिस राशि में नीच ग्रह उच्च का होता है उस राशि का स्वामी भी केन्द्र में बैठा हो तो सर्वथा नीच भंग राज योग बनता है |

5- जिस राशि में ग्रह नीच होकर बैठा हो उस राशि का स्वामी एवं जिस राशि में नीच ग्रह उच्च का होता है उस राशि का स्वामी लग्न से कहीं भी केन्द्र में स्थित हो तो नीच भंग राज योग का शुभ फल प्राप्त होता है !

6- जिस राशि में नीच ग्रह बैठा हो उस राशि का स्वामी ग्रह उसे देख रहा हो तो भी नीच भंग राज योग का शुभ फल प्राप्त होता है !

7- जिस राशि में ग्रह नीच होकर बैठा हो उस राशि का स्वामी स्वगृही होकर साथ में बैठा हो तो स्वयं ही उस ग्रह का नीच भंग राज योग हो जाता है |

8- नीच राशि में बैठे ग्रह के सामने सातवें भाव में भी नीच ग्रह बैठा है तो दोनों नीच ग्रहों का नीच भंग राज योग हो जाता है !

9- जिस व्यक्ति की कुण्डली में जिस राशि में ग्रह नीच होकर बैठा है उस राशि का स्वामी एवं उस ग्रह की उच्च राशि का स्वामी केन्द्र स्थान या त्रिकोण में बैठा हो तो व्यक्ति महान धर्मात्मा एवं राजसी सुखों को भोगने वाला होता है |

10- नवमांश में नीच ग्रह उच्च राशि में होने पर उस ग्रह का राजयोग फलित होते समय साधारण परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी राजा के समान सुख भोगता है |
इस तरह अगर आपकी कुण्डली में ग्रह नीच राशियों में बैठे हैं तो इन स्थितियों को देखकर आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि आपकी कुण्डली में नीच राशि में बैठा ग्रह नीच का फल देगा अथवा यह नीच भंग राजयोग बनकर आपको बहुत शुभ फल देगा !

कुण्डली में नीच भंग राज योग होने पर व्यक्ति जन्म से ही प्रतिभावान होता है| यह योग जिनकी कुण्डली में बनता है उन्हें जीवन के शुरुवात में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिससे उनका अनुभव और ज्ञान बढ़ता है ! यह योग व्यक्ति को आमतौर पर राजनेता, चिकित्सा विज्ञान एवं धार्मिक क्षेत्रों में कामयाबी दिलाता है | उस व्यक्ति को मान-सम्मान व प्रतिष्ठा मिलती है |

विशेष : – यदि किसी ग्रह का नीच भंग नहीं होता है और वह कष्ट दे रहा है तो उस ग्रह का दान, उससे संबंधित देवता के मंदिर में, उस ग्रह के वार के दिन करें ! इससे लाभ मिलेगा |

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

comments

Check Also

आरंभिक साधक को नकारात्मक विचारों वाले व्यक्तियों से क्यों दूर रहना चाहिए ? जरूर पढ़ें !

दो व्यक्तियों के मध्य सकारात्मक ऊर्जा का आदान प्रदान हो यह आवश्यक नहीं. इसका अर्थ …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *