शैव वैष्णव संघर्ष पर हमारा शोध अवश्य पढ़ें ! Yogesh Mishra

विश्व का प्रथम शैव वैष्णो संघर्ष प्रजापति दक्ष और भगवान शिव के मध्य हुआ था और अंतिम संघर्ष रावण और राम के मध्य हुआ था !

आर्य बाहर से आये नहीं थे, बल्कि भारत से बाहर जाकर बसे थे !

भारत की मूल भाषा तमिल थी और संस्कृति शैव थी !

शैवों ने ब्रह्म और वैष्णव संस्कृति को कभी भी स्वीकार नहीं किया था !

वैष्णव ने ब्रह्म संस्कृति को स्वीकार कर, उसका पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार किया था !

शैव और वैष्णव संस्कृत के मध्य संघर्ष लाखों वर्ष तक चलता रहा और आज भी चल रहा है !

गुरुकुल वैष्णव संस्कृत का सबसे बड़ा व्यवस्थित संगठन था !

वैष्णव ने पूरी दुनिया में ब्रह्म भाषा ‘संस्कृति’ का प्रचार किया था !

वैष्णव ने समस्त दुनिया की अनेक भाषाओं के साहित्य का संस्कृत भाषा में अनुवाद किया था !

साहित्य के लेखक और संग्रहण की व्यवस्था वैष्णवों की देन है !

बाजारीकरण और कर व्यवस्था के जनक वैष्णव थे !

विश्व में सबसे पहला और सबसे बड़ा धर्मांतरण अभियान वैष्णव ने चलाया था !

वैष्णव का धर्मांतरण तलवार और तीर पर टिका था ! बाद में गुरुकुल व्यवस्था और भक्तियोग का सहारा लिया गया !

वैष्णव सनातन धर्म नहीं बल्कि एक संप्रदाय है !

महर्षि, देव ऋषि, राज ऋषि व अन्य ऋषि व आचार्य पद वैष्णव सामाजिक व्यवस्था की देन है !

समस्त योग पद्धति कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग, संख्य योग आदि आदि वैष्णव व्यवस्था की देन है !

योगी की पराकाष्ठा समर्पण के मार्ग से होते हुये निष्क्रियता पर समाप्त होती है !

अष्टांग योग सनातन वैष्णव संस्कृत के निकट है !

विश्व की प्राचीनतम संस्कृति शैव है और सभ्यता ब्रह्म है !

विश्व का प्राचीनतम स्वाभाविक उपयोगी जीव गोवंश है ! जिसका वैष्णव ने कालांतर में नस्ल सुधार किया था !

विश्व की प्रथम सभ्यता और संस्कृति शैव थी यही विश्व की अंतिम भी होगी !

ब्रह्म भाषा ‘संस्कृत’ के निर्माता अन्य लोक से आये थे !

विश्व में सर्वाधिक व्यवस्थित प्रयोग वैष्णव ने किये !

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योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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