स्वामी विवेकानन्द अपनी 39 वर्षीय उम्र में 31 गम्भीर बीमारियां से पीड़ित थे ! : Yogesh Mishra

स्वामी विवेकानन्द अपनी 39 वर्षीय उम्र में इतने रोगों से पीड़ित थे, जिसका कोई हिसाब नहीं था ! स्वामी विवेकानन्द को उस वक्त गले में दर्द, किडनी में समस्या, दिल में समस्या, दाँईं आँख लाल होना, डायबिटीज़, माइग्रेन, टॉन्सिलटिस, अस्थमा, मलेरिया, बुखार, लिवर में समस्या, अपच, गैस्ट्रोएन्टेरिटिस, ब्लोटिंग, डायरिया, डिस्पेप्सिया, गॉल्सटोन जैसी 31 बड़ी गम्भीर बीमारियां थी !

स्वामी विवेकानन्द को जब डाक्टर द्वारा अपनी मृत्यु का पता चला तब उन्होंने अपने मित्र जॉन पी फॉक्स को एक पत्र लिखते हुये बतलाया कि, “मुझे साहस और उत्साह पसन्द है ! मेरे समाज को इसकी बहुत ज़रूरत है ! मेरा स्वास्थ्य कमज़ोर हो रहा है और बहुत समय तक मुझे ज़िन्दा बचने की उम्मीद नहीं है !” स्वामी विवेकानन्द को पता था कि उनकी मृत्यु कब होगी ! उनकी शाररिक ताकत समय के साथ घटती जा रही थी ! इस घटती ताकत को देखते हुये विवेकानन्द कहते थे कि एक वक्त ऐसा आयेगा जब मेरे विचार दुनिया में होंगे लेकिन मैं नहीं रहूँगा !

बंगाल के प्रसिद्ध लेखक शंकर ने स्वामी विवेकानंद की बीमारियों का उल्लेख संस्कृत के एक श्लोक ‘शरियाम ब्याधिकमंदिरम’ से किया है ! इसका मतलब है कि शरीर बीमारियों का मंदिर होता है !
मृत्यु के दिन शाम के 7 बजे अपने कक्ष में जाते हुए उन्होंने किसी से भी उन्हें व्यवधान न पहुंचाने की बात कही और रात के 9 बजकर 10 मिनट पर उनकी मृत्यु की खबर मठ में फैल गई !

25 साल की उम्र में भगवा धारण करने वाले स्‍वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को और मृत्यु 4 जुलाई 1902 को हुआ था !

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योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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