कभी कैलास मानसरोवर से कैस्पियन सागर तक था शैवों का साम्राज्य !!

वैसे तो कैलास मानसरोवर से कैस्पियन सागर की दूरी लगभग 3,000 किलोमीटर है ! कैस्पियन सागर एशिया की एक झील है, जिसे अपने वृहत आकार के कारण सागर कहा जाता है ! मध्य एशिया में स्थित यह झील क्षेत्रफल के हिसाब से विश्व की सबसे बड़ी झील है ! इसका क्षेत्रफल 4,30,000 वर्ग किलोमीटर तथा आयतन 78,200 घन किलोमीटर है !

हालां कि इसका कोई बाह्यगमन नहीं है और पानी सिर्फ़ वाष्पीकरण के द्वारा बाहर जाता है ! ऐतिहासिक रूप से यह काला सागर के द्वारा बोस्फ़ोरस, ईजियन सागर और इस तरह भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ माना जाता है जिसके कारण इसे ज्यरचना के आधार पर इसे झील कहना उचित नहीं है ! इसका खारापन 1.2 प्रतिशत है जो विश्व के सभी समुद्रों के कुल खारेपन का एक-तिहाई है ! कैस्पियन सागर का नाम इसके किनारे बसने वाली प्राचीन कास्पी जाति के ऊपर पड़ा था !

मान्यता है कि कश्यप ऋषि के नाम पर ही कश्यप सागर (कैस्पियन सागर) और कश्मीर का प्राचीन नाम था ! शोधकर्ताओं के अनुसार कैस्पियन सागर से लेकर कश्मीर तक ऋषि कश्यप के कुल के लोगों का राज फैला हुआ था ! कश्यप ऋषि का इतिहास प्राचीन माना जाता है ! कैलाश पर्वत के आसपास भगवान शिव के गणों की सत्ता थी ! उक्त इलाके में ही दक्ष राजा का भी साम्राज्य भी था !

जम्मू का उल्‍लेख महाभारत में भी मिलता है ! हाल में अखनूर से प्राप्‍त हड़प्‍पा कालीन अवशेषों तथा मौर्य, कुषाण और गुप्‍त काल की कलाकृतियों से जम्मू के प्राचीन इतिहास का पता चलता है ! कहते हैं कि कश्यप ऋषि कश्मीर के पहले राजा थे ! कश्मीर को उन्होंने अपने सपनों का राज्य बनाया ! उनकी एक पत्नी कद्रू के गर्भ से नागों की उत्पत्ति हुई जिनमें प्रमुख 8 नाग थे- अनंत (शेष), वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, पद्म, महापद्म, शंख और कुलिक ! इन्हीं से नागवंश की स्थापना हुई ! आज भी कश्मीर में इन नागों के नाम पर ही स्थानों के नाम हैं ! कश्मीर का अनंतनाग नागवंशियों की राजधानी थी !

कैस्पियन सागर विश्व में विश्व के सभी झीलों के कुल जल का 44% जल है ! तुर्कमेनिस्तान, कज़ाख़स्तान, रूस, अजरबैजान, ईरान इसके तटवर्ती देश हैं ! इसका उत्तरी भाग बहुत छिछला है जहाँ इसकी गहराई 5-6 मीटर है, जबकि दक्षिणी भाग की औसत गहराई 1000 मीटर के आसपास है !

कैस्पियन सागर को प्राचीन मानचित्रों में क़ाज़्विन भी कहा गया है ! इसके अलावा इसे ईरान में दरया-ए-माज़ंदरान भी कहते हैं ! काले सागर की ही भांति यह भी ऐतिहासिक व विलुप्त पैरा टिथाइस सागर का अवशेष है जो लगभग 55 लाख वर्षों पूर्व पृथ्वी की विवर्तनिक (टेक्टोनिक) पर्तों की गतिविधियों के कारण भूमि-बंध हो गया था !

यूरोप से आती वोल्गा नदी जो यूरोप के 20% भूमि क्षेत्र को सींचती है, कैस्पियन सागर के ८०% जल का स्रोत है ! इसके अलावा अन्य मुख्य स्रोत युराल नदी है ! इस सागर में बहुत से द्वीप हैं, जिनमें ऑगुर्जा आडा सबसे बड़ा द्वीप है जिसकी लंबाई 47 कि.मी है ! कैस्पियन सागर एशिया महादीप में, पच्छिमी पर मौजूद चारो ओर से जमीन से घिरा है !

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योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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