पेप्सी और कोक का टॉप सेक्रेट जहरीला प्लान : Yogesh Mishra

कोरोना के कारण इस वर्ष कोल्ड ड्रिंक की सेल 90% गिर गयी है ! जिसने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय कोल्ड ड्रिंक पीते नहीं बल्कि उन्हें जबरदस्ती विज्ञापन के प्रभाव से पिलायी जाती है ! लेकिन यह कोल्ड ड्रिंक है क्या इसका आज परीक्षण करते हैं !

एक पेय पदार्थ है जिसको हम कोल्ड ड्रिंक के नाम से जानते हैं, इस क्षेत्र में अमेरिका की दो कंपनियों का एकाधिकार है, एक का नाम है पेप्सी और दूसरी है कोका कोला ! 1990 -91 में दोनों कंपनियों का संयुक्त रूप से जो विदेशी पूंजी निवेश था भारत में, उसे सुनकर आप आश्चर्य करेंगे !

दोनों ने मिलकर लगभग 10 करोड़ की पूंजी लगाई थी ! भारत में कुल जमा 10 करोड़ रुपया (डौलर नहीं) ! आप हैरान हो जायेंगे ! यह जानकर कि 70 पैसे का जो यह लागत है इनका वह एक्साइज ड्यूटी देने के बाद की है, यानि एक्स-फैक्ट्री कीमत है यह ! अगर एक बोतल 10 रुपया में बिक रहा है तो लगभग 1500% का लाभ यह कंपनी एक बोतल पर कमा रही है 1500% का आम भाषा मे अर्थ है 1 रुपये की चीज़ को 15 रुपये मे बेचना !

भारत के कई वैज्ञानिकों ने पेप्सी और कोका कोला पर रिसर्च करके बताया कि इसमें मिलाते क्या हैं ! पेप्सी और कोका कोला वालों से पूछिये तो वह बताते नहीं हैं, कहते हैं कि यह फॉर्मूला टॉप सेक्रेट है, यह बताया नहीं जा सकता ! लेकिन आज के युग में कोई भी सेक्रेट को सेक्रेट बना के नहीं रखा जा सकता ! तो उन्होंने अध्ययन कर के बताया कि इसमें मिलाते क्या हैं, तो वैज्ञानिको का कहना है इसमे कुल 21 तरह के जहरीले कैमिकल मिलाये जाते हैं !

कुछ नाम मैं बतलाता हूँ ! इसमें पहला जहर जो मिला होता है ! “ सोडियम मोनो ग्लूटामेट” जिसे वैज्ञानिक कहते हैं कि यह कैंसर करने वाला रसायन है ! फिर दूसरा जहर है “पोटैसियम सोरबेट” यह भी कैंसर करने वाला है, तीसरा जहर है “ब्रोमिनेटेड वेजिटेबल ऑइल” (BVO) यह भी कैंसर करता है ! चौथा जहर है “मिथाइल बेन्जीन” यह किडनी को ख़राब करता है, पाँचवा जहर है “सोडियम बेन्जोईट” यह मूत्र नली का, लीवर का कैंसर करता है ! फिर इसमें सबसे ख़राब जहर है ! “एंडोसल्फान” यह कीड़े मारने के लिये खेतों में डाला जाता है और ऊपर से होता है ऐसे करते करते इस में कुल 21 तरह के जहर मिलये जाते हैं !

यह 21 तरह के जहर तो एक तरफ है और हमारे देश के पढ़े लिखे लोगो के दिमाग का हाल देखियह -बचपन से उन्हे किताबों मे पढ़ाया जाता है ! की मनुष्य को प्राण वायु आक्सीजन अंदर लेनी चाहिए और कार्बन डाईऑक्साइड बाहर निकलनी चाहिए यह जानने के बावजूद भी गट गट कर उसे पे रहे हैं और पीते ही एक दम नाक मे जलन होती और वह सीधा दिमाग तक जाती है और फिर दूसरा घूट भरते है गट गट गट !

और हमारा दिमाग इतना गुलाम हो गया है ! आज हम किसी बिना कोक पेप्सी के जहर के किसी भी शादी विवाह पार्टी के बारे मे सोचते भी नही !कार्बन डाईऑक्साइड – जो कि बहुत जहरीली गैस है और जिसको कभी भी शरीर के अन्दर नहीं ले जाना चाहिए और इसीलिये इन कोल्ड ड्रिंक्स को “कार्बोनेटेड वाटर” कहा जाता है ! और इन्ही जहरों से भरे पेय का प्रचार भारत के क्रिकेटर और अभिनेता/अभिनेत्री करते हैं पैसे के लालच में, उन्हें देश और देशवाशियों से प्यार होता तो ऐसा कभी नहीं करते !

पहले अमीर खान यह जहर बिकवाता था ! अब उसका भांजा बिकवाता है ! अमिताभ बच्चन,शरूखान ,रितिक रोशन लगभग सबने इस कंपनी का जहर भारत मे बिकवाया है ! क्यूंकि इनके लिये देश से बड़ा पैसा है !

पूरी क्रिकेट टीम इस दोनों कंपनियो ने खरीद रखी है ! और हमारी क्रिकेट टीम की कप्तान धोनी जब नये-नये आये थे ! तब मीडिया मे ऐसे खबरे आती थी ! जो 2 लीटर दूध पीते हैं धोनी ! यह दूध पीकर धोनी बनने वाला धोनी आज पूरे भारत को पेप्सी का जहर बेच रहा है ! और एक बात ध्यान दे जब भी क्रिकेट मैच की दौरान पसीना आता है तब इनमे से कोई खिलाड़ी पेप्सी कोक क्यूँ नहीं पीता ? क्यूँ कि यह सब जानते है यह जहर है ! इन्हे बस यह देश वासियो को पिलाना है !

ज्यादातर लोगों से पूछिये कि “आप यह सब क्यों पीते हैं ?” तो कहते हैं कि “यह बहुत अच्छी क्वालिटी का है” ! अब पूछिये कि “अच्छी क्वालिटी का क्यों है” तो कहते हैं कि “अमेरिका का है” ! और यह उत्तर पढ़े-लिखे लोगों के होते हैं! पेप्सी-कोक के बारे में आपको एक और जानकारी देता हूँ ! राजीव भाई इसे टॉयलेट क्लीनर कहते हैं, आपने सुना होगा (ठंडा मतलब टाइलेट कालीनर )तो वह कोई इसको मजाक में नहीं कहते या उपहास में नहीं कहते हैं ! देश के पढ़े लिखे मूर्ख लोग समझते है कि यह बात किसी ने ऐसे ही बना दी है !

इसके पीछे तथ्य यह है कि टॉयलेट क्लीनर हार्पिक और पेप्सी-कोक की पी. एच. वेल्यू एक ही है ! मैं आपको सरल भाषा में समझाने का प्रयास करता हूँ ! पी. एच. एक इकाई होती है जो acid की मात्रा बताने का काम करती है !और उसे मापने के लिये पी. एच. मीटर होता है ! शुद्ध पानी का पी. एच. सामान्यतः 7 होता है ! और (7 पी. एच.) को सारी दुनिया में सामान्य माना जाता है !

और जब पानी में आप हाईड्रोक्लोरिक एसिड या सल्फ्यूरिक एसिड या फिर नाइट्रिक एसिड या कोई भी एसिड मिलायेंगे तो पी. एच. का वैल्यू 6 हो जायेगा, और ज्यादा एसिड मिलायेंगे तो यह मात्रा 5 हो जायेगी और ज्यादा मिलायेंगे तो यह मात्रा 4 हो जायेगी, ऐसे ही करते-करते जितना एसिड आप मिलाते जायेंगे ! यह मात्रा कम होती जाती है ! जब पेप्सी-कोक के एसिड का जाँच किया गया तो पता चला कि वह 2.4 है और जो टॉयलेट क्लीनर होता है उसका पी. एच. और पेप्सी-कोक का पी. एच. एक ही है, 2.4 का मतलब इतना ख़राब जहर कि आप टॉयलेट में डालेंगे तो यह झकाझक सफ़ेद हो जायेगा ! इस्तेमाल कर के देखियेगा !

और हम लोगो का हाल यह है ! घर मे मेहमान को आती यह जहर उसके आगे करते है ! दोस्तो हमारी महान भारतीय संस्कृति मे कहा गया है ! अतिथि देवो भव: ! मेहमान भगवान का रूप है ! और आप उसे टॉइलेट साफ पीला रहे हैं !

पेप्सी कोला बनाने में चीनी के स्थान पर एसपेरात्म (Aspertem) का प्रयोग किया जाता है जिससे मूत्रनली का कैंसर होता हैं ! लगातार पेप्सी- कोला का सेवन करने से हड्डियों में ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) नामक बीमारियाँ होती हैं ! जिसमे हड्डियाँ बहुत कमजोर हो जाती हैं !

इन सबके बावजूद हमारी सरकार इनपर कोई प्रतिबंध नहीं लगा रही है और इनकी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है ! साथ ही हमारे क्रिकेटर और अभिनेता, अभिनेत्री इनके विज्ञापन कर कर के बिक्री में इजाफा करवा रहे हैं ! प्रत्येक व्यक्ति को इस जागरूकता के लिये एक नेता बन जाना चाहिए ! केवल यह हमारे देश को गंभीर आर्थिक संकट से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है ! आपको अपनी जीवन शैली देने की जरूरत नहीं है !

टायलेट साफ़ करने वाला हार्पिक और कोक पेप्सी में कैसे बराबर का जहर है ! राजीव भाई कहते है कि अगर स्कूल कालेज के विद्यार्थी न माने तो उनके सामने उनकी सामने स्कूल कालेज कि टायलेट साफ़ करवाकर दिखला दो तो वह एक मिनट में मान जाएँगे !

एक प्रतियोगिता मुंबई विश्वविद्यालय मे आयोजित की गयी जिसमे यह शर्त रखी गयी की जो सबसे ज्यादा पेप्सी या कोका कोला पिएगा वह जीत जाएगा तो एक लड़के ने 8 बोतल पी और उसकी किडनी एक महीने के अंदर खराब हो गयी और एक लड़के ने सबसे ज्यादा 12 बोतल पी और वह तुरंत मर गया उस लड़के की मौत का कारण था की ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड उसके रक्त में मिल गयी थी जो की बहुत ही खतरनाक है जबकि रक्त में ऑक्सिजन ही रहना चाहिए ! तब से मुंबई विश्वविद्यालय में पेप्सी और कोका कोला जैसे पेयों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है !

भारतीय बनने के लिये भारतीय पेय ही खरीदें ! ऐसा हमारा मत है ! पेप्सी और कोका कोला टॉप सेक्रेट जहरीला प्लान हमारी युवा पीढ़ी के लिये बहुत खतरनाक है !

“छोटी छोटी बूँदों से एक महान महासागर बनता है” आप कोल्ड्रिंक्स पीना बंद कर देंगे तो आपको देखकर आपके पास बैठे व्यक्ति भी पीना बंद कर देंगे !!

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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