क्या देश को एक और आन्दोलन की आवश्यकता है ? Yogesh Mishra

राष्ट्रीयता का नारा लगाने वाले लोग आज सत्ता में बैठे हैं l देश के हाईवे पर खुलेआम टोल टैक्स के रूप में लूट हो रही है ! देश के रेलवे स्टेशन बिकने की कगार पर आ गए हैं ! देश की सेना मैं आज विदेशी निवेश बढ़ गया है !
न्यायपालिका ने लोकहित याचिकाओं को यह कहकर सुनने से इनकार कर दिया कि “लोग सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए लोकहित याचिकाएं दाखिल करते हैं !” संसद के अंदर अब सत्ता की खुली लूट पर कोई चर्चा नहीं होती है ! मीडिया के मुंह पर ताला लगाने के लिए सीबीआई के छापे डलवाये जाते हैं ! समाज में कोई भी सामाजिक संगठन एक दूसरे के साथ नहीं खड़ा है !

भारत का आम नागरिक विश्वव्यापी षड्यंत्र के आगे घुटना टेकता नजर आता है और सत्ताधीश विश्व यात्राओं में संलग्न है ! पाकिस्तान चीन आदि शत्रुओं का बहाना करके देश की जनता को उसके मूल मुद्दे से भटकाने के लिए रातों में टीवी चैनलों पर डिवेट हो रही है ! देश के बेरोजगार युवाओं को सोशल मिडिया प्रभारी बना कर सत्य बोलने वाले को गाली दिलवाई जाती है !

ऐसे में क्या यह जरूरी नहीं कि राष्ट्र के हित को देखते हुए एक बार फिर भारत की आजादी को बचाने के लिए एक बार फिर “आजादी बचाओ आंदोलन” की शुरुआत की जाये यदि यह आवश्यक है तो फिर देर क्यों ?

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

comments

Check Also

भारतीय लोकतन्त्र ही भारत की समस्या है ! Yogesh Mishra

आधुनिक युग मे लोकतन्त्र को सर्वश्रेष्ठ शासन प्रणाली माना जाता है ! समस्त विश्व में …