Astrology

कुण्डली में हंस योग शरीर और आत्मा की शुद्ध अवस्था है : Yogesh Mishra

हंस योग को एक बेहद शुभ योग माना जाता है ! जिसका संबंध देवगुरु बृहस्पति से होता है ! यदि गुरु अपनी स्वराशि मीन या धनु अथवा उच्च राशि कर्क में स्थित होकर जन्म कुंडली के केन्द्र स्थान में हो तो ऐसे में ‘हंस’ नामक योग बनता है ! इस …

Read More »

क्या प्राचीनतम ज्योतिष के केन्द्र को राम ने समुद्र में डूबा दिया था : Yogesh Mishra

वैष्णव साहित्य से पूर्व के पुरातन शैव ज्योतिष साहित्य में लग्न के निर्धारण के लिये लंका की गणना को ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है ! लंका के वर्तमान नक्शे को देखकर यह ज्ञात होता है कि यह भू भाग जो वर्तमान भूमध्य रेखा से 6 डिग्री उत्तर की ओर से …

Read More »

ईश्वरीय हंस गुरु के शाररिक लक्षण : Yogesh Mishra

हंस योग शरीर के व्यक्ति के अपने अलग ही लक्षण होते हैं ! वह व्यक्ति सुंदर व्यक्तित्व का धनी होगा और उसका रंग साफ एवं चेहरे पर तेज होगा ! उसका माथा चौड़ा और लंबी नाक होगी ! छाती भी चौड़ी और अच्छी होगी ! आंखें चमकदार होगी ! त्वचा …

Read More »

कोरोना कहीं ग्रहों का ईश्वरीय दण्ड तो नहीं है : Yogesh Mishra

कोरोना वायरस का प्रभाव आज पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा रहा है ! दुनिया का संपूर्ण आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इसके रूप, स्वरूप, कार्यशैली के आगे नतमस्तक है ! यदि यह मान भी लिया जाये की कोरोनावायरस चीन या अमेरिका में से किस एक की साजिश है तो भी आज चीन …

Read More »

अब विश्व में जीन कुंडली का युग आ रहा है : Yogesh Mishra

अब विश्व में जीन कुंडली बनना संभव हो गई है ! अभी तक ज्योतिष विद्या से बनाई जाने वाली कुंडली से व्यक्ति के भविष्य और बीमारियों की जानकारी ली जाती थी ! लेकिन अब यह काम जीन कुंडली करेगी ! जो पूरी तरह आधुनिक विज्ञान की देन है ! इससे …

Read More »

कर्म, भाग्य और ज्योतिष का आपसी सम्बन्ध ! : Yogesh Mishra

कर्म, मनुष्य का परमधर्म है ! पूरी गीता ही निष्काम कर्म योग का ही शास्त्र है ! कर्म ही व्यक्ति को बंधन में बांधता है ! व्यक्ति का जन्म और मरण, उसके कर्मों के अनुसार होता है ! व्यक्ति का पुनर्जन्म कब, कहां, किस योनि में, किस कुल में होगा …

Read More »

ज्योतिष में बार-बार गर्भपात के योग : Yogesh Mishra

आज के समय की संतान सम्बन्धी गंभीर समस्या गर्भपात के विशेष योगों में से प्रमुख 10 योगों की चर्चा की गयी है ! संतान “जातक” की कुंडली के पंचम भाव अर्थात कुंडली के दाहिने की और पाँचवे घर को कहा जाता हैं ! गर्भपात होने के पीछे ज्योतिषीय द्रष्टि कोण …

Read More »

ज्योतिष में तेजस्वी पुत्र प्राप्ति हेतु गर्भाधान के योग : Yogesh Mishra

शुभ मुहूर्त में गर्भाधान संस्कार करने से सुंदर, स्वस्थ, तेजस्वी, गुणवान, बुद्धिमान, प्रतिभाशाली और दीर्घायु संतान का जन्म होता है ! इसलिये इस प्रथम गर्भधान संस्कार का महत्व सर्वाधिक है ! संस्कार का अर्थ संस्करण, परिष्करण, विमलीकरण अथवा विशुद्धिकरण से लिया जाता है ! गर्भाधान संस्कार के विषय में महर्षि …

Read More »

तृतीय विश्व युद्ध में राहु सर्वनाश का सूचक कैसे है ! : Yogesh Mishra

शास्त्रीय घटनायें यह बतलाती हैं कि जब भी कभी एक माह में तीन बार ग्रहण एक साथ पड़ते हैं तो पृथ्वी पर बहुत बड़ी उथल-पुथल होती है ! बड़े-बड़े युद्ध होते हैं ! आग अग्नि कांड होते हैं ! बाढ़ आती है ! विनाशकारी भूकंप आते हैं ! तरह-तरह के …

Read More »

रक्त वर्णीय चन्द्रमा महाविनाश का सूचक है : Yogesh Mishra

आज कल बार बार चन्द्रमा रक्त वर्णीय हो रहा है ! इस साल जून और जुलाई के महीने में करीब 30 दिन के अंदर तीन बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं ! ऐसी ही घटना महाभारत युद्ध के पहले भी घटी थी ! मेदिनी ज्योतिष के अनुसार में ग्रहण के …

Read More »