मोटिवेशनल स्पीकर के चक्कर में आत्महत्या मत करो

बाजारवाद से प्रेरित वर्तमान ‘मोटिवेशनल उद्योग’ आज भारतीय युवाओं में ऊर्जा के बजाय गहरा अवसाद पैदा कर रहा है। रातों-रात सफलता के जो झूठे सपने मंच से बेचे जा रहे हैं, वह युवाओं को हताशा के ऐसे अंधेरे में धकेल…








