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मूर्खों के देश में आपका ज्ञान ही शत्रु है

मूर्खों के देश में ज्ञान का शत्रु होना एक शाश्वत और कड़वा सच है। जिस समाज या व्यवस्था की नींव अज्ञानता, अंधविश्वास और संकीर्णता पर टिकी हो, वहाँ ज्ञान एक अभिशाप है। जब कोई ज्ञानी व्यक्ति ऐसे समाज में प्रवेश…

भारतीय चिकित्सा पद्धति ही क्यों श्रेष्ठ है

आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियाँ इस बात का सबसे जीवंत उदाहरण हैं कि कैसे चिकित्सा विज्ञान को स्थानीय जलवायु, मौसम और शरीर की प्रकृति के अनुसार ढाला जाना चाहिए। आधुनिक पश्चिमी चिकित्सा विज्ञान जहाँ मुख्य रूप से एक आकार…

भारत में टेक्नोलॉजिस्ट को भी वैज्ञानिक समझते हैं

मानव सभ्यता के विकास के इतिहास पर यदि दृष्टि डालें, तो दो प्रकार की जिज्ञासाओं ने इस यात्रा को गति दी है, पहला, यह जानना कि यह सृष्टि कैसे काम करती है; और दूसरा, इन रहस्यों का उपयोग करके अपने…

बेटे को बेटा बनाये रखना पड़ता है

मेरे एक मित्र प्रोफेसर ने एक घटना बतलाई, उनके कोई मित्र का बेटा अमेरिका में नौकरी करने गया ! 2 साल के बाद  उनको अचानक हार्ट अटैक पड़ गया ! तबीयत ज्यादा खराब हो गई ! मां ने बेटे को…

बासे भोजन का दर्शन

प्राय: लोग बासा भोजन का मतलब पूर्व का बना हुआ भोजन ही समझते हैं ! लेकिन बासा भोजन का अर्थ इससे गहरा है ! क्या आपने कभी सोचा है कि पूर्वजों की विरासत पर जीवन बिताना असल में कैसा होता…

नीलकंठ साधना का मर्म

नीलकंठ साधना का मर्म यही है कि जब तक हमारा अंतःकरण अतीत के मलबे और संसार की कड़वाहट से भरा हुआ होता है, तब हम उसमें परमात्मा का अमृत नहीं ले सकते हैं। हम बाहर से कितने ही शांत और…

नीलकंठ साधना का अर्थ

नीलकंठ होने का अर्थ है कि जब जीवन के समुद्र-मंथन से अपमान, विश्वासघात, निंदा या प्रतिकूलता का हलाहल (विष) निकले, तो साधक उसे न तो क्रोध बनकर बाहर फेंके कि संसार जल जाए, और न ही उसे अपने हृदय के…

ठंडे देशों में दवा की की गयी खोज भारत के लिये अवैज्ञानिक है

औषधि विज्ञान और चिकित्सा अनुसंधान का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी और ठंडे देशों में विकसित हुआ है। जब इन्हीं खोजों और दवाओं को भारत जैसे उष्णकटिबंधीय और गर्म देश में बिना किसी बदलाव के लागू किया जाता है, तो कई…

गेहूँ से सावधान

यह आधुनिक सभ्यता की सबसे शांत और अदृश्य त्रासदी है, जो हर सुबह हमारे रसोईघरों से चुपचाप हमारी थालियों में उतरती है। हम जिसे जीवनदायिनी अन्न और मेहनत की कमाई मानते हैं, वह असल में एक सुनियोजित जैव-रासायनिक जाल बन…

कैवल्य तपस्वी और सामान्य मनुष्य में चमत्कारिक अंतर

क्या आपने कभी सोचा है कि एक सिद्ध तपस्वी और सामान्य मनुष्य के मस्तिष्क की बनावट में क्या अंतर होता है? विज्ञान अब यह प्रमाणित कर रहा है कि गहन ध्यान से मस्तिष्क का पूरा ढांचा ही बदल जाता है!…