हजार रोगों का इलाज है गेहूं के जवारे ! Yogesh Mishra

जब गेहूं के बीज को अच्छी उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो कुछ ही दिनों में वह अंकुरित होकर बढ़ने लगता है और उसमें पत्तियां निकलने लगती है ! जब यह अंकुर पांच-छह पत्तों का हो जाता है तो अंकुरित बीज का यह भाग ज्वारा कहलाता है ! औषधीय विज्ञान में गेहूं का यह ज्वारा काफी उपयोगी सिद्ध हुआ है ! गेहूं के ज्वारे का रस कैंसर जैसे कई रोगों से लड़ने की क्षमता रखता है !

वर्षों से गेहूं के जवारे के रस को एक शक्तिशाली पेय के रूप में जाना गया है ! गेहूं के जवारे कई खनिजों, विटामिन, और जिगर एंजाइमों का एक बड़ा स्रोत है ! गेहूं के जवारे में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, और बी शामिल हैं ! यह पोटेशियम, आहार फाइबर, थायामिन, राइबोफ़्लिविन, नियासिन, विटामिन बी 6, पैंटोथेनिक एसिड, लोहा, जस्ता, तांबे, मैंगनीज और सेलेनियम का भी स्रोत है !

इसका उपयोग हेमोग्लोबिन का उत्पादन बढ़ाने, रक्त शर्करा विकारों में सुधार लाने, दांत क्षय को रोकने, तेजी से घाव भरने और बैक्टीरिया संक्रमण को रोकने के लिए किया जाता है ! कुछ लोग भूरे बालों को रोकने, उच्च रक्तचाप को कम करने, पाचन में सुधार लाने और कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को अवरुद्ध करने के लिए इसका उपयोग करते हैं !

जवारे तैयार करने की विधि: लगभग 100 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं को साफ पानी से धोकर, फिर भिगोकर 8 से 10 घंटे रख दें ! तत्पश्चात इन्हें 1 फुट ग् 1 फुट की क्यारियों या गमलों में बो दें ! यह काम रोजाना सात दिनों तक करें ! सातवें दिन पहले गमले/क्यारी मे गेहूं या जौ के जवारे करीब 8-9 इंच तक लंबे हो जाएंगे !

अब उन्हें मिट्टी से ऊपर-ऊपर काट लें, मिक्सी में डालकर साथ में कोई फल जैसे केला, अनानास या टमाटर डालकर मिक्सी को चला लें ! फिर इस हरे रस को चाय की छन्नी से छान कर कांच के गिलास में डालकर आधे घंटे के अंदर सेवन करें ! आधे घंटे के पश्चात जवारों के रस से मिलने वाले पोषक तत्वों में कमी आ सकती है ! जवारों को काटने के बाद जड़ को मिट्टी से उखाड़ कर फेंक दें और नई मिट्टी डालकर नये गेहूं बो दें ! काटने के बाद जो जवारे दोबारा उग आते हैं उनसे शरीर को कोई लाभ नहीं मिलता है !

गेहूं के जवारे के लाभ

1. त्वचा रोग और घावों का इलाज करता है: यह एक्जिमा, सोरायसिस और आतपदाह सहित त्वचा से जुड़े कई प्रकार के रोगों का इलाज करने के लिए जाना जाता है ! यह त्वचा की कोशिकाओं को जल्दी से पुनर्जीवित करके मुँहासे और त्वचा के घावों का भी इलाज कर सकता है !

2. पाचन में सहायता: गेहूं के जवारे का रस अपने एंजाइम, अमीनो एसिड और विटामिन बी की सामग्री के कारण पाचन विकारों से पीड़ित लोगों को लाभ देता है ! यह अल्सर, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम, ईर्ष्या, और अपच का इलाज करने में मदद करता है !

3. कैंसर को रोकने में मदद: यह खून को साफ करके कैंसर को रोकने में मदद कर सकता है ! यह रक्त ऑक्सीजनेटिंग की क्षमता के कारण कैंसर से बचने में मदद करता है !

4. प्रतिरक्षा और ऊर्जा में सुधार: यह लाल रक्त कोशिका की गिनती बढ़ता है ! गेहूं के जवारे में मौजूद क्लोरोफिल रक्त में अधिक ऑक्सीजन देने में मदद करता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है !

5. साइनस जमाव साफ़ करे: यह रोगक्षमता का समर्थन करता है और सूजन को कम करता है, इसलिए यह साइनस के जमाव को कम करने के लिए भी मदद करता है !

6. उर्वरता और कामेच्छा बढ़ जाती है: इसमें पी 4 डी 1 नामक एक कम्पौंड होता है जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ा सकता है और प्रजनन क्षमता में वृद्धि कर सकता है !

7. जिगर को शुद्ध करें: इसके विषम गुणों, पोषक तत्वों और एंजाइमों के साथ, यह इस महत्वपूर्ण अंग को पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने में सक्षम है !

8. बालों का स्वास्थ्य: यह सूखे बाल और रूसी के लिए अच्छा है ! इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सफेद बालों को रोकने में मदद करते हैं !

9. तनाव कम कर देता है: इसमें मौजूद विटामिन चिंता को दूर करने और मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर स्थिति प्राप्त करने के लिए आपकी मदद करने में प्रभावी हैं !

10. वजन घटाने के लिए: गेहूं के जवारे का रस थायरॉयड ग्रंथि के प्रबंधन से वजन कम कर सकता है !

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योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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