एल.आई.सी. का आई.पी.ओ. बीमा सेक्टर के विदेशी कारण की शुरुआत : Yogesh Mishra

पहले से ही अति लाभ में चल रही एल.आई.सी. कंपनी का बहुप्रतीक्षित आई.पी.ओ. अंतत: 4 मई 2022 को लॉन्च हो गया है ! जिसका 9 मई, 2022 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा !

सरकार अगले 4 दिनों में इस आई.पी.ओ. के लिये 21,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है ! बता दें कि सरकार पहले इस आई.पी.ओ. के जरिए 50,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती थी लेकिन संसाधनों के आभाव में इसका साइज घटा दिया गया है !

हालांकि बिडिंग के शुरुआती दौर में रिटेल निवेशकों और एल.आई.सी. के अपने पॉलिसी धारकों का जोश काफी ज्यादा नजर आ रहा है लेकिन सच्चाई यह भी है कि आई.पी.ओ. की सफलता में सबसे अहम योगदान विदेशी संस्थागत निवेशकों का ही होगा !

दुनिया के इस तीसरे सबसे बड़े इंश्योरेंस कंपनी एल.आई.सी. के आई.पी.ओ. में विदेशी निवेशकों की तरफ से 1 अरब डॉलर अर्थात 77 हजार करोड़ रुपये का फ्लो आता नजर आ रहा है ! जो भारत कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है !

मुंबई स्थित एक बैंक के एक फॉरेक्स डीलर ने मनीकंट्रोल से नाम की गोपनीयता बनाए रखने की शर्त पर कहा कि इस इश्यू के क्लोज होने तक हमें विदेशी निवेशकों की तरफ से करीब 1 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना दिख रही है !

जो एल.आई.सी. के विदेशी कारण की शुरुआत है ! विदेशी निवेशकों के बढ़ने के साथ साथ एल.आई.सी. का यह आई.पी.ओ. शेयर बाजार की निफ्टी का हिस्सा भी हो जायेगा और इसके माध्यम से विदेशी निवेशक अब भारत की निफ्टी और सेंसेक्स को भी नियंत्रित करेंगे !

जो कि भारत की आर्थिक गुलामी को और मजबूत करेगा ! इस तरह एल.आई.सी. का आई.पी.ओ. मेरी समझ में ख़ुशी का नहीं मातम मनाने का विषय है !!

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

Check Also

संबंधों के बंधन का यथार्थ : Yogesh Mishra

सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते करते मनुष्य कब संबंधों के बंधन में बंध जाता है …