जानिए । किन गलतियों के कारण काम नहीं करते है ज्योतिषीय उपाय । Yogesh Mishra

क्यों नहीं काम करते है ज्योतिषीय उपाय

अक्सर यह सुनने को मिलता है है की उपाय काम नहीं करते या बहुत से उपाय किये किन्तु कोई परिणाम या परिवर्तन नहीं हुआ और परेशानी यथावत है ,इस समस्या के वैज्ञानिक कारण है उपचार की मुख्य सात पद्धतिया है रत्न धारण करना ,दान करना ,वस्तु प्रवाहित करना ,मंत्र जप -पूजा -अनुष्ठान ,रंगों -वस्त्रों का उपयोग -अनुपयोग,वनस्पतियों को धारण करना ,विशिष्ट पदार्थो का हवन आदि मुख्य रूप से उपायों के रूप में बताए जाते है,,

पहला मुख्या उपाय रत्न या वनस्पतियों को धारण करना रत्नों का प्रभाव असंदिग्ध है ,रत्न वातावरण से सम्बंधित ग्रह कए रंग और प्रकाश किरणों को अवशोषित या परावर्तित करते है ,ये त्वचा कए संपर्क में रहकर सम्बंधित विशिष्ट उर्जा को शरीर में प्रवेश देते है ,जिससे सम्बंधित ग्रह की रश्मियों का प्रभाव शरीर में बढ़ जाता है और तदनुरूप रासायनिक परिवर्तन शरीर में होने से व्यक्ति के सोचने और कार्य करने की दिशा कए साथ ही क्षमता भी बदल जाती है ,जिससे वह सम्बंधित क्षेत्र में अग्रसर हो सफल हो पाता है ,,अब यहाँ यह भी होता है की रत्न जो उपयोग में लिया जा रहा है वह ही नकली हो ,या उसकी बनावट में खराबी हो ,टुटा या दाग धब्बे युक्त हो ,या गलत स्थान पर गलत धातु के साथ पहन लिया गया हो ,तो वह काम नहीं करेगा या नुक्सान भी कर सकता है

दूसरा मुख्या उपाय दान या वस्तु प्रवाहित करना करना बताया जाता है ,, जब आप वस्तु का दान देते है तो वस्तु से सम्बंधित ग्रह रश्मियों की अधिकता आपके शरीर से वास्तु में आपकी भावना कए साथ प्रवेश करती है और दान देने पर आपके शरीर से दूर होती है जिससे उस ग्रह का प्रभाव कम होता है आप केवल वस्तु का चयन कर सकते है अपने अनुसार देते समय ,भावना भी उससे जुडी हो ,इसमें सबसे मुख्या है सुपात्र का चयन जिसे आप दान दे रहे है ,दान लेनेवाला यदि आपके दान से प्राप्त वस्तु से शराब पिता है ,मांसाहार करता है ,उसका गलत उपयोग करता है तो आप उसके पाप में भागीदार हो जाते है और आपके दान का उपाय आपका ही नुक्सान कर सकता है ,,दान लेने वाला व्यक्ति यदि कुकर्मी है ,गलत है मद्य ,मांसाहारी है ,पापी है तो तो उसके मष्तिष्क से उत्पन्न तरंगे भी नकारात्मक उर्जा वाली होगी और उसका दिया आशीर्वाद आपके भाग्य में सकारात्मक उर्जा का संचार नहीं कर सकता ,,

इसी प्रकार तीसरा सबसे महत्वपूर्ण उपाय ग्रहों के लिए देवी-देवता या ग्रह का मंत्र जप बताया जाता है मंत्र जप के समय यदि यंत्रवत सपाट स्वरों में जप हो ,और मन इधर-उधर भागता रहे ,मष्तिष्क एकाग्र न हो ,इष्ट या मंत्र के आराध्य में विश्वास न हो ,भावना इष्ट या लक्ष्य से न जुडी हो ,संदेह हो की पता नहीं काम होगा या नहीं ,तो मंत्र जप से कोई उर्जा प्राप्त नहीं होगी ,आपके मश्त्श्क से कोई उर्जा उत्पान नहीं होगी और प्रकृति से कोई उर्जा आकर्षित नहीं होगी ,फलतः मंत्र जप का उपाय काम नहीं कर पायेगा

चौथा विशिष्ट पदार्थो का हवन अब न हवन पदार्थ ही शुद्ध मिलते है न ही विधि अनुसार हवन ही किया जाता है
पाँचवा रंगों -वस्त्रों का उपयोग अब फैशन के नाम पर अनेक रंगों के समलित वस्त्र पहने जाते हैं जो की सिंथेटिक भी होते है जो कि उपचार में अवरोध डालते है —

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योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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