तांत्रिक हमले में नाड़ी की गति तेज क्यों हो जाती है : Yogesh Mishra

प्रत्येक व्यक्ति के शरीर के संचालन का अपना एक निश्चित क्रम होता है ! हमारे शरीर में बहुत से ऊर्जायें प्रत्यक्ष्य और अप्रत्यक्ष्य रूप में निवास करती हैं जो शरीर संचालन के लिये विभिन्न तरह के रसायनों का निर्माण करते हैं !

यह सभी ऊर्जा और रसायन आपस में मिलजुल कर हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं और संचालित करते हैं !
किंतु हमारे शरीर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यदि अनावश्यक रूप से कोई ऊर्जा या रसायन हमारे शरीर में प्रवेश कर शारीरिक संचालन के कार्य में हस्तक्षेप करना चाहता है तो हमारा शरीर उसकी आज्ञा नहीं देता है !

दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि जब हमारे शरीर के अंदर के ऊर्जा और रसायन में किसी बाहरी ऊर्जा या रसायन का हस्तक्षेप होता है, तब हमारा शरीर सुचारू रूप से अपने को चलाने के लिये स्वत: ही उस वाह्य ऊर्जा या रसायन से संघर्ष शुरू कर देता है !

इस तरह तंत्र से हमारे शरीर के आंतरिक ऊर्जा केंद्रों पर हमला होने पर हमारी आतंरिक व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित हो जाती है या फिर शरीर में अनावश्यक रसायनों का निर्माण शुरू हो जाता है !

जिस को संतुलित करने के लिए हमारे शरीर का आंतरिक सिस्टम तत्काल अपना काम करना शुरू कर देता है ! हमारे श्वास की गति तेज हो जाती है ! हार्ट बीट बढ़ जाती है ! नाड़ी तेज चलने लगती है और हम बहुत ही कम समय में अपने को थका हुआ महसूस करने लगते हैं !

इसका मूल कारण यह है कि जब कोई बाहरी ऊर्जा हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करती है तो हमारे शरीर के अन्दर की आंतरिक ऊर्जा उसे जल्द से जल्द शरीर के बाहर निकालना चाहती है ! जिसके लिए वह जो अतिरिक्त प्रयास करती है ! उस वजह से हमारे शरीर में बहुत सारे परिवर्तन हमें दिखाई देने लगते हैं !

किंतु यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि एक निश्चित सीमा से अधिक न तो हमारा शरीर उस वाह्य ऊर्जा से अपने को बचा सकता है और न ही वाह्य रसायनों के हमले से अपनी सुरक्षा कर सकता है !

यदि वाह्य ऊर्जा का हमला हुआ है तो बिना किसी संकोच के अपने संपर्क के प्रबल जीवनी ऊर्जा वाले व्यक्ति से तत्काल मदद का आग्रह करना चाहिए ! जिससे तत्काल आराम मिल सके और यदि किसी प्रकार का रासायनिक हमला किया गया है ! जो आपके शरीर के रासायनिक प्रक्रिया को डिस्टर्ब कर रहा है ! उस स्थिति में तत्काल औषधि का सेवन करके उस रासायनिक असंतुलन से अपने शरीर की रक्षा करनी चाहिए ! इसी के लिए आयुर्वेद का निर्माण किया गया था !

यह समस्त दुनिया ऊर्जा के संचालन से ही संचालित हो रही है ! ऊर्जाओं का खेल बहुत ही रहस्यमय और प्रभावशाली होता है ! इसलिए तांत्रिक प्रयोगों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए ! अन्यथा यह आपके मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं !!

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

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