जब किसी भी लोक तंत्र में न्यायपालिका, जांच एजेंसियां, शिक्षा बोर्ड और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का स्वतंत्र, निष्पक्ष जब ईमानदार नहीं रह जाती हैं तब देश न चाहते हुये भी धीरे धीरे गृह युद्ध की तरफ बढ़ जाता है !
सीरिया, श्रीलंका, यूक्रेन, सूडान और लीबिया यह सब इसके जीते जागते उदहारण हैं ! भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां जन-आंदोलनों का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है !
लेकिन जब जन आन्दोलन सोशल मिडिया के हांथ में चला जाता है तब समस्या का समाधान नहीं निकालता बल्कि सत्ता और जनता के अहंकार में सामान्य विषय भी भयानक गृह युद्ध का रूप ले लेते हैं ! जिन विषयों को सामान्य बात चीत से सुलझाया जा सकता है !
आज भारत भी उसी दौर से गुजर रहा है, यहाँ सत्ता को अहंकार छोड़ कर संवाद का मार्ग चुनना चाहिये ! सत्ता के पास कितना भी बड़ा संगठन हो पर जनता के सामूहिक आवाज से बड़ा नहीं हो सकता है !
यह सत्य जिस दिन देश के नेताओं को समझ में आ जायेगा ! उसी दिन संघर्ष की जगह संवाद का मार्ग शुरू हो जायेगा ! यही एक मात्र रास्ता है भारत को गृह युद्ध से बचाने का ! वरना बहुत जल्द भारत की स्थिती भी नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान जैसी होगी !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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