
मोटीवेशनल स्पीच, धंधा है जो गंदा है : Yogesh Mishra
प्राय: मोटीवेशनल स्पीच सुनता कौन है जो दुनियांदारी से अनभिज्ञ है और मोटीवेशनल स्पीच देता कौन…

प्राय: मोटीवेशनल स्पीच सुनता कौन है जो दुनियांदारी से अनभिज्ञ है और मोटीवेशनल स्पीच देता कौन…

वैश्विक आंदोलन ‘सेव सॉयल’ के हिस्से के रूप में, ईशा फाउंडेशन और ‘कॉन्शियस प्लैनेट मूवमेंट’ के…

अर्थशास्त्र का सामान्य सिधान्त है कि किसी वस्तु की कीमत मांग और पूर्ति के संतुलन से…

जब कोई शेयर बाजार निरंतर ऊपर की तरफ बढ़ता है, तो उसे बुल अर्थात सॉड बाजार…

डिजिटल इंडिया बनाने वाले पे.टी.एम. के शेयर डाउन हो गये हैं और दूसरी तरफ अडाणी समूह…
सभी वैष्णव धर्म शास्त्र कहते हैं कि ईश्वर के भरोसे जीवन नैया सकुशल पार हो जाती…

भगवान का दर्शन बहुत आसान है, बस व्यक्ति का चित्त कमजोर होना चाहिये ! इसीलिए वैष्णव…

चित् वह है जो अपने को सब आवरणों से ढककर भी सदा अनावृत बना रहता है,…

पश्चिम के विकृत जगत ने पूरी शिद्दत से हमें यह बताने की चेष्टा की है कि…