सफल व्यक्ति में संत खोजने की नासमझी

सफल व्यक्ति में संत खोजने की नासमझी संसार के हर देश की अपनी एक अलग तासीर है, अपना एक अलग मनोविज्ञान है। किंतु भारत के जनमानस की सोच सबसे विचित्र और गहरे अंतर्विरोधों से घिरी हुई है। यहाँ के आम…

सफल व्यक्ति में संत खोजने की नासमझी संसार के हर देश की अपनी एक अलग तासीर है, अपना एक अलग मनोविज्ञान है। किंतु भारत के जनमानस की सोच सबसे विचित्र और गहरे अंतर्विरोधों से घिरी हुई है। यहाँ के आम…

पश्चिम जगत की हजारों अर्थहीन, अविकसित, भ्रमक, आम अवधारणाओं की तरह यह भी एक भ्रांति है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है ! जब की सत्यता यह है कि मनुष्य भावनात्मक प्राणी है ! वह तो समाज से संबंध बस…