आज के युग में पूरी दुनिया में वस्तु विनिमय का माध्यम अब मात्र धन रह गया है और धन अर्थात मुद्रा का मूल्य नियंत्रित करने का अधिकार मात्र सरकार के पास है !
अर्थात कितने धन से अब कितनी वस्तु प्राप्त होगी, यह मूल्य निर्धारण अब मांग और पूर्ति के सिद्धांत पर आश्रित नहीं है ! अब वस्तुओं के मूल्य का निर्धारण उत्पादक और उपभोगता नहीं बल्कि सरकार या विदेशी शक्तियां करती हैं !
जिन व्यक्तियों को इस तथ्य की समझ नहीं है, वह यह मानते हैं कि परिश्रम से पैसा कमा कर गरीबी से बचा जा सकता है !
किंतु सच में ऐसा नहीं है ! परिश्रम से पैसा कमा कर जब तक शरीर में परिश्रम करने का सामर्थ्य है, तभी तक व्यक्ति दो वक्त की रोटी तो खा सकता है लेकिन इस परिश्रम के पैसे से गरीबी से मुक्त नहीं हो सकता है !
देश, काल, परिस्थिति, अर्थ नीति, राजनीति आदि के बदल जाने के बाद अब गरीबी के मकडजाल से बचने के उपाये भी बदल गये हैं !
जिसके विषय में दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं पढ़ाया जाता है !
इसी संदर्भ में सनातन ज्ञान पीठ के संस्थापक श्री योगेश कुमार मिश्र जी ने एक विशेष संवाद सत्र आरंभ किया है ! जिसमें बदलती हुई परिस्थितियों में व्यक्ति स्वयं को गरीबी से कैसे बचा सकता है, इस पर खुला डिजिटल ऑनलाइन संवाद हो रहा है !
जिसमें देश विदेश से लोग जुड़ रहे हैं !
यदि आप भी इस संवाद श्रंखला में जुड़ना चाहते हैं तो कृपया कार्यालय में संपर्क कीजिए !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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मोबाईल : 9453092553
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