भगवान शिव, जिन्हें देवों के देव महादेव कहा जाता है, वह सरलता, वैराग्य और असीम करुणा के प्रतीक हैं। एक सच्चा शिव भक्त केवल वह नहीं है जो मात्र कर्मकांड और पूजा-पाठ करे, बल्कि असल भक्त वह है जिसने शिव का अनुकरण किया हो, जिसके आचरण और विचारों में शिव के दिव्य गुण प्रत्यक्ष रूप से झलकते हों।
इसी दर्शन को आधार मान कर शैव ग्राम के संस्थापक गुरुदेव श्री योगेश कुमार मिश्र जी ने शैव ग्राम निवासियों के लिये कुछ अनिवार्य नियम बनाये हैं, जैसे :-
1. शैव ग्राम के सदस्य पर किसी भी तरह का कोई लोन या फाइनेंशियल जिम्मेदारी नहीं होना चाहिए ।
2. शैव ग्राम के सदस्य पर किसी भी तरह का सिविल और क्रिमिनल मुकदमा नहीं होना चाहिए ।
3. उसी साथी को शैव ग्राम की सदस्यता लेनी चाहिये, जिसने अपने सभी पारिवारिक दायित्व पूरे कर लिए हों । अर्थात पारिवारिक दायित्व से पलायन किये हुये व्यक्ति को पहले अपना पारिवारिक दायित्व पूरा करना चाहिये ।
4. सदस्य का स्वभाव बिना किसी उतावलेपन, ईष्या, प्रतिष्पर्धा के, सर्वस्व को बिना किसी भेदभाव के स्वीकारने वाला होना चाहिए । यदि व्यक्ति में कोई दोष है तो उसका स्वयं मूल्यांकन कर संस्कार चिकित्सा द्वारा उस दोष का शमन करना चाहिये !
5. साधक को शान्त, मित भाषी, सरल, आत्म दोष चिन्तक, जिम्मेदार और उदार वृत्ति का होना चाहिये !
6. साधक प्रकृति प्रेमी, जीव जंतु, पशु पक्षी, वनस्पति के साथ सामंजस्य बिठाने वाला धैर्यवान होना चाहिए ।
7. साधक भगवान शिव के जीवन शैली का अनुकरण करने वाला, दूसरों के विकास से प्रसन्न होने वाला, दूसरों के कार्यों की प्रशंसा करने वाला, संग्रह विहीन अर्थात सर्वस्व को त्यागने का साहस रखने वाला होना चाहिये ।
8. साधक में भगवान की बनाई हुई इस सृष्टि में लोक कल्याण के भाव से, हर परिस्थिती में आजीवन लोक कल्याण का कार्य करने की वृत्ति होनी चाहिये ।
ऐसे शिव प्रेमी साथियों को ही शैव ग्राम में सदस्यता प्रदान की जायेगी । आप अपना मूल्यांकन स्वयं कीजिये ! क्या आप सदस्यता के लिये तैय्यार हैं ?
यदि कोई दुविधा हो तो गुरुदेव से अपनी दुविधा का निवारण सार्वजानिक मंच पर या व्यक्तिगत समय लेकर कर सकते हैं !!
मैं आपके सहयोग के लिये सदैव तत्पर हूँ !!!
शिवम् शुक्ला
जन संपर्क प्रभारी, शैव ग्राम
संपर्क – 63933 30597
