जब व्यक्ति निरंतर असफलता और संघर्ष के बाद मानसिक दबाव में बना रहता है तो व्यक्ति के अंदर कुछ इस तरह के हार्मोन का निर्माण होना शुरू हो जाता है, जो व्यक्ति के चिंतन में असफलता, हताशा, निराशा को इस हद तक बढ़ा देता है कि व्यक्ति को लगने लगता है कि उसका जीवन ही व्यर्थ है !
जिस से प्रभावित होकर कुछ लोग अपने मन की बात सामाजिक औपचारिकता के कारण किसी और से नहीं कह पाते हैं और आत्महत्या जैसे घातक निर्णय को ले लेते हैं ! जो अपने ही जीवन के साथ अन्याय है ! आजकल की जीवन शैली में इस तरह की घटनाएं युवाओं में ज्यादा देखी जा रही हैं !
इसलिए युवाओं में बढ़ते हुए तनाव, संघर्ष और असफलता को देखते हुए सनातन ज्ञान पीठ में इन भविष्य की युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाने के लिये और उनके सहयोग के लिये एक विशेष अभियान 1 जनवरी 2021 से प्रारंभ किया है ! यदि आप या आपके आसपास कोई ऐसा साथी परेशान हो तो उसे संस्थान से जुड़ने के लिये अवश्य प्रेरित कीजिये !
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक : सनातन ज्ञान पीठ
मात्र मानव सेवा के लिये
मोबाईल : 9453092553
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www.sanatangyanpeeth.in
