ईश्वर ने तो हमें संपूर्ण ही भेजा था, किन्तु इस समाज ने अपनी मर्यादाओं की ओट में हमारी सहाजता हमसे छीन कर हमें अपूर्ण बना दिया !
अब न हम समाज के लायक रह पाये और न ही प्रकृति से सामंजस्य ही स्थापित कर पा रहे हैं ! हमारी स्थिति ऐसी हो गई कि “दुविधा में दोनों गये, माया मिली न राम !!”
ब्रह्मास्मि क्रिया योग हमें पुन: संपूर्ण बनाने की प्रक्रिया है ! समाज में रहते हुये भी हम कैसे ईश्वर की व्यवस्था का अंश बन सकते हैं, उसके लिए हमें क्या तैयारी करनी चाहिए और किस तरह से ईश्वर के निमित्त अपने जीवन को सांसारिक सुखों के साथ जीना चाहिए और मृत्यु के बाद कैसे ईश्वर की सत्ता में प्रवेश करना चाहिए !
इस कला को ही ब्रह्मास्मि क्रिया योग में सिखाया जाता है ! जिस साधना पध्यति के लिए प्रवेश प्रारंभ हो गया हैं ! कोई भी साथी जो ईश्वर की व्यवस्था के निकट रहना चाहते हैं वह इस ब्रह्मास्मि क्रिया योग साधना पद्धति में प्रवेश ले सकते हैं !
जिसका प्रशिक्षण स्वयं योगेश कुमार मिश्र संस्थापक सनातन ज्ञान पीठ जो कि ज्योतिष, आध्यात्म और सनातन साधना पद्धतियों पर गत कई वर्षों से शोध कार्य कर रहे हैं ! इनके अनुयाई पूरी दुनिया में सभी राष्ट्र. धर्म और जाति की मर्यादाओं से परे इस संस्थान से जुड़े हुए हैं ! निश्चित ही यह भविष्य का भावी मानव रक्षा महा अभियान होगा !!
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ज्योतिष, अध्यात्म एवं सनातन साधना शोध संस्थान
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