सरस्वती को लक्ष्मी की दासता से मुक्त करना होगा : Yogesh Mishra

पश्चिम की पैशाचिक संस्कृत ने ज्ञान का आर्थिक मूल्यांकन करके सरस्वती को लक्ष्मी के अधीन कर दिया अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि आज यदि आपके पास धन नहीं है, तो आप उच्च स्तरीय ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकते हैं !

शिक्षा जगत में इस कार्पोरेट धंधे का असर धीरे-धीरे भारत के शिक्षा जगत पर भी पड़ा और परिणाम यह हुआ कि आज एक सामान्य परिवार को चलाने में जितना खर्च होता है ! लगभग उतना ही पैसा एक बच्चे के पढ़ाई पर खर्च होने लगा !

परिणाम स्वरूप समाज में ज्ञान के नाम पर विद्यालय की जगह विकृतालय खुल गये ! जहां पर शिक्षा को छोड़कर माता पिता को लूटने के सारे विकल्प पर गंभीरता से विचार और कार्यवाही की जाती है !

 आज औसत दर्जे के माता पिता बहुत से उच्च ज्ञान के वैकल्पिक क्षेत्रों को इसलिए छोड़ देते हैं कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह अपने होनहार बच्चे को उस स्तर का उच्च ज्ञान प्रदान करवा सकें !

पर्सनल लोन, संपत्ति पर लोन, शिक्षा पर लोन, पेंशन पर लोन, वेतन पर लोन आदि आदि न जाने कितने विकल्पों को अपनाने के बाद भी आज न जाने कितने माता पिता अपने बच्चे को उसकी योग्यता के अनुरूप उच्च शिक्षा देने में अक्षम हैं !

 इस विषय पर सनातन ज्ञान पीठ ने गंभीरता से विचार किया और यह निर्णय लिया है कि बच्चों के ट्यूशन पर खर्च होने वाला धन अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से नि:शुल्क कर दिया जाएगा अर्थात कहने का तात्पर्य है कि बच्चों के ट्यूशन के नाम पर जो शिक्षा जगत में लूट मची हुई है उसे बहुत जल्द ही सनातन ज्ञान पीठ जड़ से खत्म कर देगा तथा मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगा !

इस हेतु एक विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है ! जिसमें समाज के सभी वर्ग के सभी बच्चों को लाभान्वित करने के लिए कार्य किया जाएगा ! सनातन ज्ञान पीठ के संस्थापक श्री योगेश कुमार मिश्र जी का यह मत है कि वह सभी स्तर समाज को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करवायेंगे !

आज यह समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वह अपने आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और प्रशिक्षित करे ! इसके लिए किसी भी व्यक्ति से लिया जाने वाला कोई भी धन पाप की श्रेणी में आता है !

अतः समाज के हर वर्ग के, हर व्यक्ति को, हर स्तर पर नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए सनातन ज्ञान पीठ एक विशेष अनुषांगिक नवीनतम व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहा है ! जो आगामी शिक्षण सत्र में स्पष्ट रूप से समाज के सामने प्रस्तुत कर दिया जायेगा !

सनातन ज्ञान पीठ के इस कार्य में जो साथी शिक्षा महा अभियान में सहयोग करना चाहते हैं ! वह लोग कमेंट बॉक्स में अपना नाम, निवास स्थान और संपर्क नंबर लिखें ! जिससे कार्यालय के पदाधिकारी गण उनसे संवाद कर सकें !

शिक्षा से श्रेष्ठ ज्ञानदान और कोई नहीं है ! यही मनुष्य को विकसित और प्रबुद्ध बनाता है इसलिए शिक्षा को निश्चित रूप से धन से मुक्त होना चाहिए इसी को दूसरे शब्दों में श्री योगेश कुमार मिश्र कहते हैं कि सरस्वती को लक्ष्मी की अधीनता से मुक्त करना होगा !!

सचिव

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये

मोबाईल : 9453092553

और अधिक जानकारी के लिये पढ़िये

www.sanatangyanpeeth.in

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