फर्जी सेंसेक्स उछाल : Yogesh Mishra

 जैसा कि हम सभी जानते हैं कि देश के चौकीदार के नेतृत्व में चल रही भारत की अर्थव्यवस्था में हम भारत की कुल आय का 85% पैसा विश्व बैंक का कर्ज चुकाने में लगा देते हैं !

 जिसकी चर्चा न तो राष्ट्र भक्त राजनीतिक दल का कोई प्रतिनिधि करता है और न ही अज्ञानता से लगा हुआ अंधभक्त ही करता है ! इसी का परिणाम है कि भारत की दुर्गति प्राप्त अर्थव्यवस्था को देखते हुये भारत के शेयर बाजार में अब तक 30% से अधिक पैसा विदेशी निवेशकों का लग चुका है !

 जो कभी भी अपनी सुविधा से भारत की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर सकते हैं ! ऐसी स्थिति में भारतीय बैंकों से जनता का पैसा लोन के रूप में लेकर भारत के पूंजीपति भारत के चौकीदार के रहमों करम पर किसी तरह अपना सम्मान बचायेंगे यह देखना है !

 इसी बीच संयोग से भारत के पूर्व भाग्य विधाता देश के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन का दो दिन अर्थात 21-22 अप्रैल 2022 के लिये भारत में आगमन हुआ है ! यह बात अलग है कि वह चरखा चलाने के लिये साबरमती आश्रम भी जायेंगे ! इसी चरखे के डर से कभी इनके पूर्वज भारत छोड़ कर भाग गये थे ! ऐसा भारत के सरकारी इतिहासकार बतलाते हैं !

मुद्दे की बात यह है कि नोट बंदी के बाद भारत के शेयर बाजार का सेंसेक्स बहुत तेजी से भारत की दुरीह आर्थिक नीतियों के कारण बहुत तेजी से गिर रहा था ! जो कि रोज ही गुजरात के समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बन रहा था ! जो अपने देश में समाचार पत्र इंग्लैंड का प्रत्येक नागरिक बहुत श्रध्दा और विश्वास के साथ शौच करते समय जरुर पढ़ता है ! जैसे वह समाचार पत्र न हो बल्कि जुलाब की पेट सफा दवा हो !

 जैसा कि इंग्लैंड के आर्थिक दार्शनिकों के अनुसार विश्व के नये मानकों के मद्दे नज़र किसी भी देश की अर्थव्यवस्था देश के जुआरियों ( अर्थात शेयर बाजार के सट्टा व्यापारियों ) के हानि लाभ से आंकी जाती है !

ऐसी स्थिति में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री के भारत आगमन पर भारत के गिरते सेंसेक्स को संभाल कर रखना भारत के चौकीदार ही नहीं भारत के पूंजीपतियों का भी जिम्मेदारी पूर्ण कर्तव्य बन जाता है !

 इसी का परिणाम है कि इस हफ्ते भारत के शेयर बाजार में एक अच्छा कृतिम उछाल देखा गया है ! जो कि पूरी तरह से कृतिम होने के साथ ही अल्प कालीन प्रायोजित भी है ! जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, एच.डी.एफ.सी. बैंक, रिलायंस ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, अदानी पोर्ट्स आदि जैसे महत्वपूर्ण व्यवसायिक घरानों ने भारत की इज्जत को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है !

 अब देखना यह है कि यह फर्जी सेंसेक्स उछाल इंग्लैंड के प्रधानमंत्री के वापस चले जाने के उपरांत भी कायम रहता है या पुनः भारत का शेयर बाजार अपने दुर्दिन को प्राप्त होगा !

 यदि विदेशी निवेशकों के बढ़ते दबाव पर भारत सरकार ने कोई नियंत्रण नहीं किया, तो निश्चित रूप से भारत का शेयर बाजार ही भारत की अर्थव्यवस्था को निकल जाएगा ! आखिर हमारे पूंजीपति इस तरह की फर्जी विकसित अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन कितने समय तक कर पाएंगे ! यह एक गंभीर ओर विचारनीय प्रश्न है !

 इसलिए इस विषय पर भारत के चौकीदार को गंभीरता से विचार करना चाहिए वरना हम भारतीयों की मेहनत की कमाई से भरपूर टैक्स वसूलने के बाद भी वह दिन दूर नहीं जब भारत की अर्थव्यवस्था श्रीलंका से भी बदतर हो जाएगी और भारत सदैव सदैव के लिए विश्व बैंक की आर्थिक गुलामी में जकड जायेगा !!

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

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