भारतीय शेयर बाजार का सांड विदेशी है : Yogesh Mishra

जब कोई शेयर बाजार निरंतर ऊपर की तरफ बढ़ता है, तो उसे बुल अर्थात सॉड बाजार कहा जाता है और जब किसी देश का कोई शेयर बाजार निरंतर नीचे की ओर गिरता है तो उसे बीअर अर्थात भालू बाजार कहा जाता है !

 बुल बाजार किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के विकास का प्रतीक है और बीअर बाजार किसी भी देश के अर्थव्यवस्था के कमजोर होने का प्रतीक माना जाता है !

 आजकल विदेशी निवेशकों की कृपा से भारतीय शेयर बाजार बुल शेयर बाजार में गिना जा रहा था किंतु यह बुल अर्थात सांड शेयर बाजार विदेशी निवेशकों की कृपा पर ऊपर की ओर ले जा रहा है ! जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है !

 भारतीय शेयर बाजार में पहली बार 609 अरब डॉलर का विदेशी निवेश, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस के सेक्टर में हुआ है !

वैसे तो यह पांचवीं बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों ने एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा लगाया है !

पिछले वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा 2.77 लाख करो़ड़ रुपये का विदेशी निवेश भारतीय शेयर बाजार में हुआ था ! जिस कारण भारत का शेयर बाजार तेजी से ऊपर गया था !

किन्तु आज पहली बार विदेशी निवेशकों की कृपा से भारतीय शेयर बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया है ! इन्होंने शेयर बाजार में अब तक 609 अरब डॉलर यानी 45 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध विदेशी निवेश हुआ है !

यानी जितना शेयर खरीदा और जितना बेचा, उसके बाद जो निवेश रह गया ! इनका पसंदीदा सेक्टर बैंकिंग और फाइनेंशियल है ! इससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 600  अरब डॉलर को पहली बार छुआ है !

डिपॉजिटरी एन.एस.डी.एल. के मुताबिक, यह शेयर बाजार के कुल निवेश का 32.14%  है ! इसके अलावा सॉफ्टवेयर एवं अन्य तकनीकी सेवाओं में 13.27%  विदेशी निवेश रहा है ! इसी तरह ऑयल एवं गैस में 10%, ऑटोमोबाइल में 4.52% का विदेशी निवेश रहा है ! फार्मा में 4.03 और कैपिटल गुड्स में 3.93%  में विदेशी निवेश है ! फूड, बेवरेजेस, तंबाकू में 2.55 और कंज्यूमर ड्यूरेबल में भी 2.4%  विदेशी निवेश रहा है !

इस तरह शेयर बाजार की तेजी में इन विदेशी निवेशकों का बहुत बड़ा योगदान है ! इनके निवेश से बाजार में लगातार तेजी बनी हुई है और यह इसी वर्ष अपनी उंचाई का नया रिकॉर्ड बना रहा है ! सेंसेक्स पिछले हफ्ते ही 52 हजार 800 के ऊपर जाने में कामयाब रहा है !

डिपॉजिटरीज डेटा के मुताबिक मई में भारतीय बाजार से इन्होंने 1,730 करोड़ रुपए निकाले ! इससे पहले अप्रैल में भी निवेशकों ने 9,435 करोड़ रुपए निकाले थे ! इसमें डेट और इक्विटी मार्केट की निकासी भी शामिल है !

इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 में विदेशी संस्थागत निवेशकों  ने भारतीय इक्विटी बाजार में निवेश का नया रिकॉर्ड बनाया था ! कुल 2.77 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था !

आंकड़े बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों ने एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा लगाया ! इससे पहले 2009-10 में 1.10 लाख करोड़, 2010-11 में 1.10 लाख करोड़ रुपए, 2012-13 में 1.40 लाख करोड़, 2014-15 में 1.11 लाख करोड़ रुपए और पिछले वित्त वर्ष में 2.77 लाख करो़ड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ ! अभी तक भारतीय इक्विटी बाजार में इनका नेट इन्वेस्टमेंट 11.70 लाख करोड़ रुपये रहा है !

लेकिन सावधानी की बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार में जो विदेशी निवेश हुआ है उस पर भारत सरकार का किसी भी तरह का कोई नियंत्रण नहीं है अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि भारत का शेयर बाजार निफ्टी और सेंसेक्स विदेशी निवेशकों के रहमों करम पर ऊपर की ओर चल रहा है !

 जो योजनाबद्ध तरीके से कभी भी ध्वस्त किया जा सकता है ! इसी को दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि भारतीय शेयर बाजार का बुल अर्थात सांड विदेशी है !

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

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