लोग प्रायः यह मानते हैं कि गरीबी का कारण जन्म कुंडली के अंदर बैठे हुए गलत स्थान पर ग्रह नक्षत्र हैं या दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि गरीबी का मूल कारण व्यक्ति का भाग्य है !
जबकि व्यावहारिक जगत में यह पाया जाता है कि गरीबी का भाग्य से कोई लेना देना नहीं है ! व्यक्ति की समझ जब समाज को लेकर विकसित नहीं हो पाती है, तब व्यक्ति अपने कौशल के अनुसार समाज से धन अर्जन नहीं कर पाता है !
या फिर आडंबर पूर्ण जीवन यापन के कारण जो भी व्यक्ति समाज से जो धन अर्जित करता है, उससे अधिक धन अपने दिखावे में बर्बाद कर देता है ! यही व्यक्ति के गरीबी का मूल कारण है !
इसको सुधारा जा सकता है ! अपने जीवन में आर्थिक शिक्षा का समावेश करके !
लेकिन यह दुर्भाग्य है कि विश्व के किसी भी विद्यालय में व्यक्ति को संपन्न होने की कला नहीं सिखाई जाती है ! इसी वजह से समाज का एक वर्ग जो अपने पैतृक प्रशिक्षण के द्वारा संपन्नता के सूत्र को जान लेता है, वह पीढ़ी दर पीढ़ी संपन्न होता चला जाता है !
जबकि इसके विपरीत समाज का दूसरा बहुत बड़ा वर्ग जिसे आर्थिक शिक्षा और प्रशिक्षण की जानकारी नहीं होती है, वह जीवन भर संघर्ष करने के बाद भी अपने जीवन की बेसिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाता है !
और भ्रमवश तंत्र, मंत्र, ज्योतिष, मंदिर, मजार, गंडा, ताबीज आदि ही में उलझा रह जाता है !
दूसरे शब्दों में कहा जाये तो गरीबी भाग्य का नहीं, आपकी गलत सोच का परिणाम है !
इसी विषय को लेकर सनातन ज्ञान पीठ में आर्थिक शिक्षा और प्रशिक्षण का एक अभियान शुरू किया गया है, जिसमें धन अर्जित करने की युक्तियों एवं संपन्नता पूर्ण जीवन निर्वाह करने की कला दोनों विषय पर संवाद और प्रशिक्षण दिया जाएगा !
जो भी साथी कार्यक्रम में भाग लेना चाहते हैं, वह अपना पंजीकरण यथाशीघ्र कार्यालय में करवा लें !
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये
मोबाईल : 9453092553
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