केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून के तहत अगर कोई ड्राइवर रोड पर एक्सीडेंट करके भाग जाता है और घायल को सड़क पर ही छोड़ देता है, तो उसे 10 साल की सजा होगी। वहीं, अगर एक्सीडेंट करने वाला शख्स, घायल व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचाता तो उसकी सजा कम कर दी जाएगी।
इस कानून की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह ने शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में दी थी। जिसे लेकर अब पूरे देश में वाहन चालकों के विरोध प्रदर्शन तेजी से होने लगे है।
जबकि वर्तमान समय में एक विशेष तथा कथित हिंदू राष्ट्रवादी राजनीतिक दल द्वारा 22 जनवरी 2024 को राम जन्म भूमि में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया गया है ! जिसमें आने वाले करोड़ हिंदू बस या निजी वाहनों के माध्यम से आएंगे !
इसके अतिरिक्त 26 जनवरी के राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम का आयोजन भी इसी माह दिल्ली लाल किले पर होना है ! उसमें भी बस के माध्यम से देश भर के नागरिक लाल किले पर उपस्थित होंगे !
अब प्रश्न यह है कि ऐसे संवेदनशील समय सरकार ने इस तरह का निर्णय क्यों लिया ?
इसका सीधा जवाब है कि भारत में बहुत जल्द लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं और वर्तमान सत्ताधीस राजनीतिक दल डरा हुआ है कि शायद वह अब सत्ता में न रह पाये ! ऐसी स्थिती में विदेशों से आने वाली हाईटेक वाहन निर्माता कंपनियां भारत में बहुत जल्द ही ड्राइवर विहीन वाहनों को सड़क पर उतरना चाहती हैं ! जिसकी तैयारी बहुत तेजी से चल कर रही है !
जिसके लिए सत्ता में बैठे हुए लोग विदेशी वाहन निर्माता कंपनियां को भारत में आमंत्रित करने के लिए और भारत के अंदर ड्राइवर के विरुद्ध इस तरह के खतरनाक कानून लाकर उन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं !
किंतु भारत अभी आर्थिक रूप से इतना संपन्न नहीं हुआ है कि भारत का प्रत्येक नागरिक ड्राइवर विहीन वाहनों को प्रयोग कर सके या भारत में ड्राइवर का व्यवसाय करने वाला व्यक्ति किसी अन्य कार्य को कर सकें !
ऐसी स्थिति में नीतिकारों को अपना निजी राजनीतिक लाभ को छोड़कर भारत के मेहनतकश ड्राइवर के प्रति संवेदनशील होते हुए इस विषय पर गहराई से पुनर्विचार करना चाहिए ! जिससे सामाजिक संतुलन और शांति दोनों बनी रहे !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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