( ब्रह्मास्मि क्रिया योग पर विशेष लेख )
आज के इस आधुनिक और स्वार्थी समाज में प्राय: व्यक्ति तनावपूर्ण ही जीवन जी रहा है और बहुत से लोग लंबे समय तक तनावपूर्ण जीवन जीते जीते अवसाद की स्थिति में चले जाते हैं !
तनाव या अवसाद वास्तव में कोई रोग नहीं है, बल्कि विपरीत परिस्थिति या ग्रह स्थिति के कारण व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा जब उसके जीवन नहीं घटता है, तो व्यक्ति तनाव या अवसाद की स्थिती में चला जाता है !
और व्यक्ति दवा के माध्यम से अपने तनाव और अवसाद को कम करने का जो प्रयास करता है, उससे उस व्यक्ति की स्थिति और खराब होती चली जाती है और कुछ समय बाद दवा भी व्यक्ति को लाभ नहीं पहुंचा पाती है ! बहुत से लोग तो इस स्थिति में जीवन भर के लिए मानसिक विकलांग हो जाते हैं !
जबकि तनाव या अवसाद का मूल कारण व्यक्ति की जीवनी ऊर्जा का अधोगामी हो जाना है ! यदि कोई ऐसी विधा व्यक्ति अपने जीवन में अपना लेता है, जिससे व्यक्ति की जीवनी ऊर्जा पुनः उर्ध्वगामी हो जाये तो व्यक्ति तनाव या अवसाद से मुक्त हो सकता है !
इसी संदर्भ में सनातन ज्ञान पीठ में व्यक्ति को तनाव और अवसाद से मुक्त करते हुये, जीवनी ऊर्जा को पुनः उर्ध्वगामी करने के लिए एक विशेष अति प्राचीन व प्रमाणिक योग पद्धति के प्रशिक्षण देने का कार्य आरंभ किया जा रहा है !
यह योग पद्धति अत्यंत प्राचीन एवं सर्व स्वीकार्य रही है ! भगवान शिव की कृपा से मनुष्य के कल्याण के लिए इस योग पद्धति का रहस्य उद्घाटन हुआ था ! जिसे आदि गुरु शंकराचार्य ने “ब्रह्मास्मि क्रिया योग” के नाम से जगत को परिचित करवाया था !
इसमें कुछ छोटी-छोटी योगिक क्रियाएं हैं, जिनको अपनाकर व्यक्ति अपनी जीवनी ऊर्जा को उर्ध्वगामी करके बिना किसी औषधि के तनाव और अवसाद से मुक्त कर सकता है !
यह मात्र 3 माह का अभ्यास क्रम है ! यदि आप इस योग पद्धति के माध्यम से अपनी जीवनी उर्जा को उर्ध्वगामी करके अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो इस योग पद्धति के अभ्यास को अवश्य कीजिए !
और अधिक जानकारी के लिए कार्यालय में संपर्क कीजिए !
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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