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जानिये : कुंडली के प्रमुख विख्यात राजयोग : Yogesh Mishra

राजयोग का अर्थ होता है कुंडली में ग्रहों का इस प्रकार से मौजूद होना की सफलताएं, सुख, धन, मान-सम्मान सभी कुछ आसानी से प्राप्त हो । जिन लोगों की कुंडली में राजयोग होते हैं, उन्हें सभी सुख-सुविधाएं मिलती हैं और…

जानिये : कुंडली के कुछ भयावह श्राप क्या होते है : Yogesh Mishra

पिता का श्रापः इस श्राप को देखने के लिए कुंडली में सूर्य की स्थिति को देखा जाता है। माना जाता है कि किसी ने अपने पिछले जन्म में अपने पिता को दुख दिए हों या फिर अगर उसके पूर्वजों की…

कुण्डली में एक से अधिक विवाह के योग : Yogesh Mishra

कई लोगो के जीवन में सम्बन्ध या विवाह का योग सिर्फ एक ही नहीं होता बल्कि एक से अधिक और कई बार होता हैं | कई बार ऐसा देखने में आता है कि व्यक्ति एक सम्बन्ध टूटने के बाद दुसरा…

आखिर शादी तय होकर भी क्यों टूट जाती है या तलाक क्यों हो जाते हैं ? : Yogesh Mishra

1- यदि कुंडली में सातवें घर का स्वामी सप्तमांश कुंडली में किसी भी नीच ग्रह के साथ अशुभ भाव में बैठा हो तो शादी तय नहीं हो पाती है. 2- यदि दूसरे भाव का स्वामी अकेला सातवें घर में हो…

बहुत ही उपयोगी : भविष्य जानने के सटीक सूत्र : Yogesh Mishra

भविष्य जानने के सटीक सूत्र विशोतरी दशा फलित कथन के सटीक सूत्र इस वक्तव्य में श्री योगेश कुमार मिश्र द्वारा विशोतरी दशाओं का फलित कथन सरल व सटीक रूप में कैसे किया जा सकता है । उनके सिद्धान्तों की व्याख्या…

कुंडली में लग्न को आधार पर स्थिर राज योग का निर्माण कैसे होता है ? : Yogesh Mishra

ज्योतिष में जिन व्यक्तियों की कुण्डली में राजयोग निर्मित होता है, वह लोग उच्च स्तरीय राजनेता, मंत्री, किसी राजनीतिक दल के प्रमुखिया, बड़े बड़े कंपनियों के मालिक, प्रशासनिक या संवैधानिक पदों पर आसीन होते हैं तथा कला और व्यवसाय में…

जानिये आपकी कुण्डली में अच्छी गृह संपत्ति के योग कब है Yogesh Mishra

एक अच्छा घर बनाने की इच्छा हर व्यक्ति के जीवन की चाह होती है. व्यक्ति किसी ना किसी तरह से जोड़-तोड़ कर के घर बनाने के लिए प्रयास करता ही है. “हमारी कुंडली में चतुर्थ भाव को भूमि, जायदात, सम्पत्ति,…

जानिये : कहीं गृह संपत्ति सुख नष्ट होने का योग तो नहीं है | Yogesh Mishra

शुक्र को ऐश्वर्य और वैभव का कारक है अतः यदि कुंडली में शुक्र बहुत बलि हो तो व्यक्ति को उच्चस्तरीय गृह संपत्ति का सुख मिलता है और ऐसा व्यक्ति अच्छी संपत्ति और वैभव को प्राप्त करता है। यदि कुंडली में…

सावधान हो जाइये कहीं आपकी कुण्डली में राजयोग भंग तो नहीं हो रहा है | Yogesh Mishra

राजयोग भंग होने पर हाथ आती राज सत्ता भी चली जाती है और व्यक्ति दर-दर ठोकरें खाने के लिये बाध्य हो जाता है | जैसे राजा हरिश्चन्द्र, देव राज इन्द्र, भगवान शिव, भगवान विष्णु आदि | आजकल सुब्रत सहारा, आशाराम…

मात्र ब्राहमण ही राष्ट्र का रक्षक और मार्गदर्शक हो सकता है | Yogesh Mishra

वैदिककाल से आज तक ब्राह्मणों ने हर दौर में अपनी योग्यता सिद्ध की है। वैदिककाल में “जमदग्नि”, “भरद्वाज”, “गौतम” आदि ऋषि तो मंत्रों के माध्यम से ज्ञान-विज्ञान की चरमसीमा तक पहुँच गए थे। उस समय कला, शिल्प, चिकित्सा, शिक्षा आदि…