ओशो के सचिव की कथा : Yogesh Mishra

मां आनंद शीला का असली नाम शीला अंबालाल पटेल है ! मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के कुर्मी समाज से ताल्‍लुक रखती हैं ! 18 साल की उम्र में अमेरिका पढ़ने के लिए गईं ! वहीं पर शादी भी की और 1972 में आध्‍यात्मिक अध्‍ययन के लिए अपने पति के साथ भारत वापस लौटीं !

यहां वह चन्द्र मोहन जैन उर्फ़ भगवान रजनीश के शिष्‍य हो गयी ! बाद में उनके पति की मृत्‍यु रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई ! ‘वाइल्‍ड वाइल्‍ड कंट्री’ डॉक्‍यूमेंटी में शीला ने ओशो के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में बताया है कि जब वह पहली बार भगवान रजनीश से मिलीं तो उन्‍होंने सिर पर हाथ रखा ! इससे उनको लगा कि उनके जीवन का मकसद पूरा हो गया है !

शीला भगवान रजनीश की 1981 में निजी सचिव बनीं ! कहा जाता है कि शीला ने ही ओशो को भारत से अपना आश्रम अमेरिका शिफ्ट करने के लिए सहमत किया ! इसके बाद वहां के ओरेगन प्रांत में 1981 में ओशो के शिष्‍यों ने रजनीशपुरम के नाम से 64,000 एकड़ ज़मीन पर हजारों समर्थकों ने मिलकर एक आश्रम बसाया !

शीला इस आश्रम की मुख्य व्यवस्थापिका थीं ! वह लगभग अकेले ही इस आश्रम का संचालन करती थीं ! उन्होंने ओशो को इस काम से पूरी तरह मुक्‍त कर रखा था ! ओशो की लोकप्रियता और आश्रम में शिष्‍यों की बढ़ती संख्‍या देखकर अमेरिकी सरकार भी चिंतित हो गई थी !

कहा जाता है कि राजनैतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिये शीला अपने आश्रम का प्रभाव बढ़ाना चाहती थीं ! इसलिए 1984 के वास्‍को काउंटी चुनावों में वहां की दो महत्वपूर्ण सीटों पर अपना कब्‍जा करना चाहती थीं ! इसलिए अपने आश्रम के माध्‍यम से वहां बाहर के लोगों को बसा कर उन्होंने वहां का मतदाताओं की संख्या का संतुलन बिगाड़ दिया था !

इसके साथ ही उन पर यह भी आरोप लगा कि वहां के स्‍थानीय लोगों को वहां से भगाने के लिए वहां के पेड़-पौधों पर विषाक्‍त बैक्‍टीरिया का इस्‍तेमाल करवाती थी ! इससे बहुत से लोग बीमार पड़ गये थे ! इन तरीकों के इस्‍तेमाल से वह वोटिंग प्रतिशत पर अपने पक्ष में असर डालना चाहती थीं !

सिर्फ इतना ही नहीं 1981-85 के बीच आश्रम को कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा ! आश्रम में चुनावी धोखाधड़ी के साथ शीला पर कत्‍ल की कोशिश के आरोप भी लगे !

मुक्ति प्रदान करने के नाम पर नशीले पदार्थों का प्रयोग किया जाता था और आनंद प्राप्ति के लिए खुलेआम सेक्स होता था ! इसके अलावा आश्रम में निर्वस्त्र रहने की सभी स्त्री पुरुषों को छूट थी ! जो कभी भी कहीं भी सेक्स कर सकते थे !

 अमेरिका में इसी नशे और सेक्स की खुली छूट के कारण वहां के नागरिकों का बहुत बड़ा वर्ग वीकेंड मनाने आश्रम आया करता था ! जिनसे इस सुविधा के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी !

इन्हीं आरोपों में 1985 में शीला को गिरफ्तार कर लिया गया ! उन पर मुकदमा चला और शीला को 20 साल की सजा हुई ! हालांकि बी.बी.सी. को दिये एक इंटरव्‍यू के मुताबिक वह 39 महीने में ही अच्‍छे आचरण की वजह से रिहा हो गईं ! इस बीच रजनीश के साथ उनके संबंधों में खटास आ गई और उन्होंने सारा आरोप रजनीश पर मढ़ दिया !

जेल से रिहा होने के बाद शीला ने एक स्विस नागरिक से शादी कर ली ! वह पिछले दो दशकों से स्विट्जरलैंड में रहती हैं और वहां वह दो नर्सिंग केयर होम का संचालन करती हैं !

बी.बी.सी. से बातचीत में मां आनंद शीला ने कहा कि उनको जीवन में किसी चीज का कोई पछतावा नहीं है ! उन्‍होंने कहा कि वह एक विजेता हैं ! उन्होंने अपने जीवन में वह सब कुछ पाया जो उन्होंने चाहा !!

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

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