राहु के गोचर चक्र में गांव से ग्लोबल की यात्रा पूरी हो गई है, अब केतु का गोचर चक्र शुरू हो रहा है, अब ग्लोबल से गांव की ओर लौटना ही होगा ! तैयारी कर लीजिए वरना बहुत पछताएंगे ।
राहु और केतु, जिन्हें नवग्रहों में छाया ग्रह या ‘चंद्र बिंदु’ कहा जाता है, हमेशा एक-दूसरे से ठीक 180 अंश की दूरी पर सप्तम भाव में ब्रह्मांड में विचरण करते हैं।
इसलिए, जब राहु किसी व्यक्ति या समष्टि (समाज) को एक छोर पर ले जाता है, तो केतु का गोचर अनिवार्य रूप से उसे दूसरे छोर की वास्तविकता से रूबरू कराता है।
राहु जहाँ सीमाओं को तोड़ता है। यह ‘गांव’ अपनी जड़ें, संकुचित दायरा, पारंपरिक सीमाएं से निकालकर ‘ग्लोबल’ वैश्विक मंच, आधुनिक तकनीक, विदेशी संबंध, चकाचौंध की ओर ले जाता है।
वहीँ केतु को ज्योतिष में ‘मोक्षकारक’, ‘वैराग्य’, ‘जड़’ और ‘सिकुड़न’ का प्रतीक माना गया है। जब केतु का गोचर प्रभावी होता है, तो वह राहु द्वारा खड़ी की गई चकाचौंध का भ्रम टूट जाता है।
केतु के पास ‘धड़’ है पर ‘सिर’ नहीं है। इसलिए वह बुद्धि या बाहरी आकर्षण से नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज से चलता है। जब ‘ग्लोबल’ की यात्रा पूरी हो जाती है, तो केतु व्यक्ति को यह अहसास कराता है कि बाहरी सुख क्षणभंगुर हैं। स्वयं में लौट आओ !
राहु महत्वाकांक्षा, डिजिटल क्रांति, आभासी दुनिया और भौतिकवाद को बढ़ाता है। राहु के प्रभाव में समाज अपनी जड़ों को भूलकर केवल बाहरी विस्तार और प्रदर्शन में लग जाता है। ‘गांव से ग्लोबल’ की यह यात्रा बाहरी विकास के लिए तो अच्छी है, लेकिन राहु आत्मा को खोखला कर देता है।
केतु की दृष्टि में ‘गांव’ का अर्थ केवल भौगोलिक गांव नहीं है, बल्कि इसका गहरा अर्थ अपनी जड़ें, सनातन परंपरा, सादगी, अध्यात्म और आत्म-साक्षात्कार करो । केतु हमें वापस अपनी जमीन पर लाता है। केतु कृत्रिमता को हटाकर स्वाभाविकता की ओर लौटाता है।
अब केतु का समय शुरू हुआ है ! जल्द ही तृतीय विश्व युद्ध शुरू होगा ! युग परिवर्तन होगा ! पेट्रोलियम, बिजली, संचार माध्यम ख़त्म होंगे !
केतु के निर्देश पर कम से कम 200 वर्ष सीमित दायरों में जीना पड़ेगा, अपनी दिनचर्या और उपभोग को ‘ग्लोबल’ (अत्यधिक विलासिता) से हटाकर ‘स्थानीय व प्राकृतिक’ की ओर ले जाएं। अपने माता-पिता, गुरु, पैतृक स्थान और पारंपरिक ज्ञान जैसे आयुर्वेद, योग, शास्त्रीय संगीत का आश्रय लें।
अन्यथा निकट भविष्य में बहुत पछताना पड़ेगा ! वही जीतेगा जो जमींन से जुड़ा होगा !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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