डिप्रेशन का मूल कारण
मोटिवेशनल पूंजीवादियों का वह खतरनाक मनोवैज्ञानिक हथियार है, जिसे पश्चिमी जगत ने अपने उपनिवेशवाद और पूंजीवाद के लिये ईजाद किया गया ! जो आज पूरी मानवता के लिए मनोवैज्ञानिक खतरा बन चुका है !
मानवता के सबसे कठिन समय में जब पश्चिमी जगत ने पूंजीवाद को चरम पर ले जाने के लिए उपनिवेशवाद की शुरुआत की, तब उन्हें अपने काम के लिये योग्य बौद्धिक और शारीरिक मजदूरों की आवश्यकता महसूस हुई !
तब पूंजीपतियों ने पूरी दुनिया के बौद्धिक और शारीरिक मजदूरों को अपने उपयोग में लाने का निर्णय लिया और मनोवैज्ञानिक हथियार मोटिवेशन का सार्वजनिक प्रयोग शुरू किया !
जो पहले विशेष परिस्थिती में मनोचिकित्सकों द्वारा ही प्रयोग किया जाता था ! आज उसी मोटिवेशन का सार्वजनिक प्रयोग पूरी दुनिया के लिए एक समस्या बन गया है !
इस मोटिवेशन नामक घातक मानसिक हथियार ने मानव मन और मस्तिष्क को मानव की कार्य विधि से अलग कर दिया है !
उसी का परिणाम है कि आज पूरे विश्व में अवसाद और आत्महत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं !
यदि मानवता को अवसाद और आत्महत्या से मुक्त करना है, तो मानव मन और मस्तिष्क को मानव कार्य विधि के रुचि के अनुरूप कार्य कराने की स्वतंत्रता देनी होगी !
अन्यथा दुनिया का कोई भी मनोचिकित्सक मानवता को अवसाद और आत्महत्या से मुक्त नहीं कर सकता है !
आज मोटिवेशन के नाम पर अयोग्य मनोप्रेरकों द्वारा हजारों करोड़ रुपये का धंधा पूरी दुनिया में बिना सोचे समझे चलाया जा रहा है !
यदि तत्काल प्रभाव से पूरे विश्व में मोटिवेशन के इस अमानवीय धन्धे को व्यवस्थित या प्रतिबंधित नहीं किया गया, तो निकट भविष्य में हर व्यक्ति वयस्क होने के पहले ही मनोवैज्ञानिक दबाव में आत्महत्या करने को मजबूर हो जायेगा !
इसलिए यदि मानवता का विकास करना है, तो मोटिवेशन नामक इस घातक हथियार पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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