अक्सर कई योग गुरुओं द्वारा संचालित इन मौन शिविरों में व्यक्ति को तार्किक अभिव्यक्ति से पूरी तरह रोक दिया जाता है। जिससे प्राकृतिक शंकाओं और विचारों को बाहर आने का रास्ता नहीं मिलता, तो वह दबी हुई ऊर्जा कुंठा और वैचारिक जड़ता का रूप ले लेती है।
यह कृत्रिम अनुशासन हजार मानसिक रोग पैदा करता है, जो इंसान की स्वाभाविक जिज्ञासा और बौद्धिक प्रगति के लिये सबसे बड़ी बाधा है।
सच्ची आत्म-जागरूकता और मन पर नियंत्रण बलपूर्वक थोपे गये मौन से नहीं आता है। बल्कि विचारों का दमन करने के बजाय उनका तार्किक स्पष्टीकरण बहुत से भ्रांतियों का समाधान है।
इसीलिए ‘स्वस्थ संवाद शिविर’ की प्रासंगिकता आज के युग की सबसे बढ़ी आवश्यकता है। जहाँ तथाकथित मौन शिविर लोगों को मानसिक रूप से कुंठित कर रहे हैं, वहीं पूर्ण ज्ञान के साथ विचार पूर्ण खुली चर्चा और तर्क संगत संवाद लोगों को उनके अंधविश्वासों और उलझनों से बाहर निकालकर एक स्वतंत्र सोच की ओर ले जाते हैं।
सनातन ज्ञान पीठ संस्था के माध्यम से इस सामाजिक कुंठा को दूर करने के लिए, आप इन स्वस्थ्य संवाद शिविरों के दौरान बिना किसी हिचक के चर्चा में शामिल हो सकते हैं, ताकि लोग बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात रख सकें?
इस तरह के शिविर संस्थान शीघ्र ही आरम्भ कर रहा है ! क्या आप भी इस स्वस्थ्य संवाद के शिवर में आना चाहते हैं तो कमेन्ट में अपना नाम और मोबाईल नम्बर लिखिये !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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मोबाईल : 9453092553

