शैव ग्राम कोई धार्मिक जगह नहीं है । यह जीवन प्रबंधन को सीखने और अभ्यास करने की जगह है ।
जहां व्यक्ति आत्मनिर्भर जीवन शैली को अपनाकर भगवान शिव द्वारा दिखाये गये मार्ग का अनुपालन करके अपने जीवन को सुखमय बनाता है ।
प्रायः जब हम भगवान शिव या ‘शैव’ शब्द से जुड़े किसी स्थान की कल्पना करते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में किसी मंदिर या पारंपरिक धार्मिक कर्मकांडों का चित्र उभरता है।
परंतु, ‘शैव ग्राम’ इस धारणा से बिल्कुल भिन्न है। यह कोई पारंपरिक धार्मिक या पूजा स्थल नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से ‘जीवन प्रबंधन’ को सीखने और उसे यथार्थ में जीने का एक सजीव अभ्यास केंद्र है।
भगवान शिव का वास्तविक दर्शन केवल कर्मकांडों तक सीमित नहीं है, यह सादगी, प्रकृति के साथ एकाकार होने, मानसिक संतुलन और पूर्ण आत्मनिर्भरता का सर्वोच्च विज्ञान है।
आज का आधुनिक मनुष्य तनाव, अवसाद और बाहरी व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता के बोझ तले दबकर अपना स्वाभाविक सुख-चैन खो चुका है।
ऐसे में, शैव ग्राम व्यक्ति को यह सिखाता है कि कैसे वह शिव के मार्ग का अनुपालन करके अपने जीवन को पुनः ऊर्जावान और आनंदमय बनाया जा सकता है।
यहाँ ‘जीवन प्रबंधन’ का अर्थ है, अपने शरीर, मन और संसाधनों को वृत्ति के आवेग में नहीं बल्कि स्वयं चैतन्य अवस्था में नियंत्रित करना।
जब कोई व्यक्ति शैव ग्राम की ‘ज़ीरो-बजट’ जीवनशैली को अपनाता है, तो वह स्वयं को बाहरी दुनिया की कृत्रिम निर्भरताओं से मुक्त हो जाता है।
100% जैविक भोजन, अपनी जीवनी ऊर्जा का स्वयं प्रबंधन और प्रकृति के साथ स्नेह पूर्ण ‘श्रमदान’ ! यह सब व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से शांत बनाते हैं। यहाँ ‘गट-ब्रेन हेल्थ’ और ‘ग्राउंडिंग थेरेपी’ जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी दिनचर्या में पिरोया गया है।
यूँ समझिये कि शैव ग्राम एक ऐसी खुली प्रयोगशाला है, जहाँ व्यक्ति भगवान शिव द्वारा दिखाए गए अपरिग्रह (न्यूनतम आवश्यकता) और प्रकृति-प्रेम के मार्ग को व्यावहारिक रूप में अपने जीवन में उतारता है।
यह वह स्थान है जहाँ व्यक्ति को किसी चमत्कार की प्रतीक्षा नहीं होती, बल्कि वह आत्म-अनुशासन और आत्मनिर्भर जीवनशैली के माध्यम से स्वयं अपने तनावमुक्त, स्वतंत्र और सुखमय जीवन का निर्माण करके अपने जीवन में चमत्कार करता है।!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ ( शैव ग्राम )
जन संपर्क प्रभारी शिवम् शुक्ला – 63933 30597
