‘शैव ग्राम’ का संकल्प: एक आत्मनिर्भर, संपन्न और तनावमुक्त जीवन शैली
आम इंसान अपना पूरा जीवन पैसा कमाने में लगा देता है ताकि वह जीवन के चार सबसे बड़े खर्चों— जन्म, शिक्षा, विवाह और अंतिम संस्कार— को पूरा कर सके। इसी समस्या को खत्म करने के लिए श्री योगेश कुमार मिश्रा जी (सनातन ज्ञानपीठ) ‘शैव ग्राम’ नाम का एक अनोखा और 100% आत्मनिर्भर ग्राम तैयार कर रहे हैं।
यह एक ऐसी जगह होगी जहाँ इंसान को सिर्फ पैसे के लिए नहीं दौड़ना पड़ेगा, बल्कि वह शांति, आत्म-कल्याण और स्व-रोजगार पर ध्यान दे सकेगा। आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं:
‘शैव ग्राम’ की मुख्य विशेषताएँ
चार बड़े खर्चों से 100% आज़ादी: शैव ग्राम में बच्चे के जन्म, उसकी पढ़ाई, उसकी शादी और मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार का सारा खर्च संस्थान खुद उठाएगा। इससे इंसान के ऊपर से पैसे कमाने का सबसे बड़ा दबाव खत्म हो जाएगा।
बिना AC के प्राकृतिक ठंडक: यहाँ ग्लोबल वार्मिंग का असर नहीं होगा। ज़मीन के 40 फीट नीचे पाइपलाइन डालकर (डीप टेंपरेचर टेक्नोलॉजी) से भवनों को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखा जाएगा। बाहर चाहे 45°C की भयंकर गर्मी हो, अंदर का तापमान 22°C-24°C ही रहेगा।
पानी से भोजन और अपनी बिजली: यहाँ पेट्रोल, कोयले या गैस सिलेंडर की ज़रूरत नहीं होगी। भोजन पकाने के लिए पानी से चलने वाले ‘हाइड्रोजन चूल्हे’ का इस्तेमाल होगा। साथ ही, गाँव अपनी बिजली खुद सोलर पैनल और पवन चक्कियों से बनाएगा।
महँगाई से पूरी तरह सुरक्षित: दैनिक ज़रूरत की हर चीज़ (आटा, तेल, सब्ज़ी आदि) 25 एकड़ के कैंपस में ही उगाई और बनाई जाएगी। बाहरी दुनिया में सामान कितना भी महँगा हो जाए, शैव ग्राम में वह हमेशा एक बहुत ही कम और फिक्स रेट (जैसे ₹80) पर मिलेगा।
हर उम्र के लोगों के लिए सम्मानजनक काम: यहाँ कोई भी खाली बैठकर दूसरों पर बोझ नहीं बनेगा। चाहे 80 साल का बुजुर्ग ही क्यों न हो, उसे उसकी क्षमता के अनुसार काम मिलेगा (जैसे दीये की बत्ती बनाना या आयुर्वेदिक लेप तैयार करना)।
अपना न्याय सिस्टम (नो पुलिस, नो कोर्ट): गाँव के अंदर पुलिस या कोर्ट-कचहरी का दखल नहीं होगा। कोई भी विवाद होने पर गाँव के समझदार और अनुभवी लोग उसे आपस में सुलझाएंगे। नियम तोड़ने या पुलिस के पास जाने वालों को गाँव से बाहर कर दिया जाएगा।
जीवन जीने की शिक्षा और ‘नो बॉस’ कल्चर: बच्चों को सिर्फ रट्टा मारने वाली पढ़ाई नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाई जाएगी। यहाँ काम करने वालों पर कोई ‘बॉस’ नहीं होगा; लोग अपने संस्कारों और अनुशासन से मिल-जुलकर काम करेंगे।
दवाइयों की छुट्टी (प्राकृतिक स्वास्थ्य): यहाँ ईंट-सीमेंट के जंगल नहीं होंगे। औषधीय लकड़ियों और पेड़-पौधों के बीच शुद्ध खान-पान की ऐसी दिनचर्या होगी कि लोग बीमार ही न पड़ें। “भोजन ही औषधि है” के नियम का पालन होगा।
निष्कर्ष:
हम अक्सर भगवान के काम या खुद के लिए समय न होने का बहाना बनाते हैं। लेकिन जब जीवन के सबसे बड़े आर्थिक बोझ (शिक्षा, शादी, इलाज) ‘शैव ग्राम’ उठा लेगा, तो पैसे के पीछे भागने का कोई कारण नहीं बचेगा। आने वाले चुनौतीपूर्ण समय में शांति और आत्मनिर्भरता के साथ जीने का यह एक बेहतरीन मॉडल है। इसे पूरी तरह से समझने के लिए श्री योगेश मिश्रा जी का महा-सत्र (वीडियो) अवश्य देखा जाना चाहिए। जिसे आप संस्थान से निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं !!
विशेष सूचना :-
यदि आप भी इस लोक कल्याण के महाभियान में जुड़ना चाहते हैं तो आप संस्था से डिजिटल फार्म लेकर अवश्य भर दीजिये ! कोई असुविधा होने पर संस्थान के जन संपर्क प्रभारी श्री शिवम् शुक्ला जिनका संपर्क नम्बर – 63933 30597 उनसे वार्ता कर सकते हैं ! कार्यालय में संपर्क कीजिये या या कमेन्ट में अपना नाम व नम्बर दीजिये जिससे हम आपसे संपर्क कर सकें !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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मोबाईल : 9453092553
