तनाव और अवसाद में अंतर
तनाव और अवसाद दोनों मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियाँ हैं और कई बार लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनमें बहुत गहरा और बुनियादी अंतर होता है।
संक्षेप में कहें तो तनाव किसी चुनौती या दबाव के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया है जो अक्सर अस्थायी होती है। जबकि अवसाद एक मानसिक स्वास्थ्य की नकारात्मक स्थिति है, जो लंबे समय तक बनी रहती है और व्यक्ति के जीवन जीने के तरीके को बदल देती है।
तनाव किसी बाहरी कारण से होता है। जैसे—काम का बोझ, परीक्षा, बीमारी या पैसों की तंगी। जब वह बाहरी समस्या हल हो जाती है, तो तनाव भी आमतौर पर खत्म हो जाता है।
लेकिन अवसाद का कोई एक स्पष्ट बाहरी कारण नहीं होता है। यह स्थिती मस्तिष्क में रसायनों के असंतुलन के कारण होने वाले जेनेटिक्स या लंबे समय तक रहे तनाव का परिणाम है। यह मूल समस्या खत्म होने के बाद भी यथावत बना रहता है। जब तक कि मस्तिष्क में रसायनों का असंतुलन ठीक न हो !
तनाव में व्यक्ति को चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, मांसपेशियों में खिंचाव और ध्यान लगाने में दिक्कत होती है। व्यक्ति को पता होता है कि वह किस वजह से परेशान है।
लेकिन अवसाद में व्यक्ति बिना किसी कारण के लगातार उदास, खालीपन लिये हुये जीता है ! उन चीजों में रुचि खत्म हो जाना जो पहले पसंद थीं ! अत्यधिक थकान, खुद के जीवन को बेकार और बोझ समझने लगता है और कभी-कभी जीने की इच्छा ही खत्म हो जाती है !
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योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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