आज हिन्दूओं के पास न तो कोई जीवन दर्शन है और न ही कोई सम्प्रभु राष्ट्र ! अपने को विश्व गुरु कहने वाला हिंदू आज पूरी दुनिया में कटोरा लेकर भीख मांगता नजर आता है !
अपने को संयमी कहने वाला हिंदू आज दुनिया में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा कर रहा है ! वह भी मुफ्त के या सस्ते सरकारी राशन के दम पर !
अपने को सर्वाधिक संवेदनशील कहने वाले हिंदू आज विश्व में सर्वाधिक राजहनी, डकैती, हत्या और बलात्कार का दोषी है ! आज पूरी दुनिया में अपने को मेहनती और चरित्रवान कहने वाला हिंदू सर्वाधिक धूर्तता, मक्कारी, बेईमानी, भ्रष्ट और कर्तव्य से पलायन करता हुआ नजर आता है !
प्रकृति को मां कहने वाला हिंदू आज दुनिया में सर्वाधिक पेड़ों को काट रहा है ! नदियों में गंदगी बाहर रहा है और गाय की हत्या करवा रहा है !
पर ऐसा क्यों यह आज गंभीरता से विचार करने का विषय है ! इसका मूल कारण तलाशें तो पता चलेगा कि हमने वैष्णव बनने के चक्कर में हिंदुत्व के नाम पर अपनी मूल प्रवृत्ति को ही सदियों पहले मिटा दिया !
इसीलिए अपने दोहरे और असहज व्यक्तित्व के कारण हमारा पतन हुआ ! हमने मानवता के लिये विनाशकारी युद्धों को धर्म युद्ध का नाम दिया ! सामान्य कूटनीतिज्ञ और राजनैतिक योद्धाओं को भगवान बना दिया ! समाज में उनके मंदिर बना कर हमने अपनी मूल प्रवृत्ति को छोड़कर वहां ढोलक मजीरा बजाना शुरू कर दिया !
मंदिरों के धर्म गुरु और कथा वाचक के दोहरे चरित्र को देखकर हिंदूओं का आदर्श चरित्र बस सिर्फ कथा कहानियों तक समेट कर रह गया ! लोगों में अपने धर्म के प्रति निष्ठा और समर्पण समाप्त हो गया !
इसी का परिणाम है कि पूरी दुनिया में अपने को सबसे शक्तिशाली धर्म कहने वाला हिंदू आज अपने प्रभाव को खो चुका है ! वह न तो विश्व में कोई हस्ती रखता है और न ही आने वाले विश्व सत्ता में कोई स्थान रखता है !
मात्र जनसंख्या अधिक होने के नाते हिंदू दोबारा कभी सशक्त हो जाएगा यह मात्र एक काल्पनिक भ्रम है, क्योंकि धर्मगुरु से लेकर राजनीतिज्ञ तक सभी के दोहरे चरित्र आज हमें निराश करते हैं ! इसी वजह से हिंदू संगठित नहीं हो पा रहा है और आज उसका कोई भी मार्ग दर्शक नहीं है !
आज हिंदुत्व को पुनर्जीवित करने के लिए एक ईमानदार, धर्मनिष्ठ, चरित्रवान और कुशल राजनीतिज्ञ हिंदू मार्गदर्शक की आवश्यकता है ! तभी हमारी रक्षा होगी अन्यथा हिंदू जिस स्थान तक पहुंच गया है ! वहां पर बहुत जल्द विश्व सत्ता द्वारा हिंदुत्व की अंत्येष्ठी सुनिश्चित है !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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