आर्थिक मंदी तो बस बहाना है : Yogesh Mishra

आज विश्व की बड़ी-बड़ी कंपनियां ही नहीं बल्कि विश्व के 17 देश भी आर्थिक कंगाली के स्तर पर आकर खड़े हो गए हैं !

फिर वह चाहे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजॉन, एप्पल जैसे प्रतिष्ठित विश्व व्यापी कंपनियां हो या फिर स्वयं अमेरिका की अर्थव्यवस्था हो ! सभी इस समय आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं !

अभी तक वैश्विक स्तरपर 3 लाख से अधिक कर्मचारियों को विभिन्न कंपनियों ने अपने यहां नौकरी से निकाल दिया है और बहुत जल्द ही नौकरी से निकल जाने वाले कर्मचारियों का डाटा लगभग 25 लाख होने की संभावना है !

अब प्रश्न यह है कि यह आर्थिक मंदी वास्तविक है या इस काल्पनिक रूप से तैयार किया गया हैमेरा विश्लेषण यह बतलाता है किवैश्विक स्तर परआ रही आर्थिक मंदी पूरी तरह से प्रायोजित और काल्पनिक रूप से तैयार की गई है !

इसकी तैयारी करोना के षड्यंत्र के साथ ही वर्ष 2010 के दशक में ही पूरी कर ली गई थी और इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह था कि इस आर्थिक प्रतिस्पर्धा के युग में कंपनी की लागता को काम कैसे किया जाय !

जिसके लिये पूरे विश्व से योग्य तकनीकी विशेषज्ञों को इकट्ठा करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विकसित करवाया गया ! जिसे अंग्रेजी में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” कहा जाता है और उसकी तरफ पूरे के पूरे व्यवसाय जगत को मोड़ा गया ! जिससे उद्योग के लागत को कम किया जा सके !

अब इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (A.I.) के प्रयोग सफल हो गये हैं और बहुत सा काम कंप्यूटर तथा रोबोट द्वारा किया जाना संभव हो गया है ! अतः इन बड़ी-बड़ी कंपनियों को अब तकनीकी इंजीनियर अर्थात बौद्धिक मजदूर मनुष्य की आवश्यकता नहीं है !

क्योंकि इन बौद्धिक मजदूरों से काम लेना आर्थिक रूप से काफी महंगा पड़ता है !

अतः इन बौद्धिक मजदूरों की छटनी करने के लिए 3 वर्ष के आर्थिक मंदी का बहाना करके धीरे-धीरे आवश्यकता के अनुसार उद्योगों को कंप्यूटराइज्ड या रोबोटिक करके लगभग 30 लाख लोगों को नौकरी से निकाल दिया जाएगा !

मेरे अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में बहुत तेजी से बौद्धिक मजदूरों ( संस्थानों के बाबू. डाक्टर. वकील. इंजिनियर. पत्रकार. आदि बौद्धिक कार्य करने वालों ) के मध्य आत्महत्या का दौर शुरू होने वाला है !

जैसे कभी किसानों को हरीत क्रांति के नाम पर बैंकों द्वारा ट्रैक्टर खरीदने के लिये लोन दिया जाता था और बाद में द्वारा लोन की रकम अदा न कर पाने के कारण, जब किसानों के खेत खलिहानों को बैंकों द्वारा हड़पा जाने लगा तो किसानों ने बहुत बड़ी संख्या में आत्महत्या कर ली थी और यह दौर आज तक चला आ रहा है !

इस समस्या से उभरने के लिए सनातन ज्ञान पीठ में एक बहुत ही विस्तृत आत्मनिर्भरता के लिये लोक कल्याण अभियान शुरू किया है ! इसमें विस्तृत रूप से सभी योग्य व्यक्तियों को आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिये प्रशिक्षित करने का कार्य किया जाएगा !

इस लोक कल्याण अभियान की विस्तृत जानकारी के लिए आप कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं और समाज को सही दिशा देने में सहयोग कर सकते हैं !!

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये

मोबाईल : 9453092553

और अधिक जानकारी के लिये पढ़िये

www.sanatangyanpeeth.in

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