दुनिया के सभी आर्थिक संस्थान आपके मेहनत की जमा पूंजी को आपसे छिनने के लिये विधि द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान हैं !
जिनका एक मात्र उद्देश्य आपकी मेहनत की कमाई को विधि द्वारा स्थापित व्यवस्था के तहत छीनना है !
जो पहले तो आपके लाभ की बात आपको बतला कर आपको अपने षड्यंत्र में फंसाते हैं, फिर आपकी जमा पूंजी को और आपकी संपत्ति को हड़पने के लिये निरंतर विधि द्वारा स्थापित प्रयास करते हैं !
फिर वह चाहे बैंक हों या अन्य कोई भी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन हो या फिर न्याय देने के नाम पर विश्व की कोई भी आर्थिक अदालत हो !
सभी का एक मात्र उद्देश्य आपकी जमा पूंजी को आपसे हड़पने है !
जैसे दिन भर मजदूरी करने वाला मजदूर, मेहनत करके जब पैसा पैदा करता है, तो शाम को उसी के पड़ोस के शराब का ठेकेदार शराब बेचने के नाम पर उसके दिन भर की मजदूरी के पैसा उससे ले लेता है और उसे बदले में एक ऐसा नशा देता है, जो उसके जीवन का सर्वनाश कर देता है !
ठीक इसी तरह हमारे आस पास सभी आर्थिक संस्थान हमारी जमा पूंजी को हमसे लूटने के लिये कार्य कर रहे हैं !
पहले तो यह हमें बिना मेहनत के धन लाभ करवाने का वादा करते हैं और फिर हमारे पैसे का मूल्य घटकर हमारे मेहनत की कमाई को हड़प लेते हैं !
जो व्यक्ति इनके षड्यंत्र में नहीं फंसता है ! उसे निरंतर तरह-तरह के योजनाओं का लाभ दिखाकर उसके लालच को ही हथियार बना कर उसे अपने षड्यंत्र में फंसा लेते हैं और उसकी जमा पूंजी हड़प लेते हैं !
इस आर्थिक षडयंत्र को व्यवस्थित तरीके से क्रियान्वित करने के लिये इनके पास “आर्थिक हिट मैन” होते हैं !
विख्यात अर्थशास्त्री जॉन पर्किन्स लिखते हैं कि “आर्थिक हिट मैन उच्च भुगतान वाले पेशेवर ठग होते हैं, जो दुनिया भर के देशों को खरबों डॉलर से धोखा देते हैं ।“
उनके उपकरणों में धोखा-धड़ी करने वाले वित्तीय रिपोर्ट, धांधली वाली योजनायें, और जबरन भुगतान वसूली के हथकंडे होते हैं ! जिस पर विधि की स्थापित स्वीकृति होती है और शासन सत्ता भी इनके विषय में इनके कुकृतियों पर मौन रहती है !
क्योंकि यह लगभग सभी देशों में बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के फाइनेंसर होते हैं ! अत: इन्हें किसी भी तरह के कानून का कोई डर नहीं होता है !
यह अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिये “सत्ता परिवर्तन” से लेकर सेक्स षडयंत्र और हत्या में भी कोई संकोच नहीं करते हैं ।
विश्व के लगभग सभी देशों की आर्थिक नीतियों पर इन्हीं “आर्थिक हिटमैन” का नियंत्रण होता है ! फिर वह चाहे “नोटबंदी” हो या नकली नोटों का मुद्रा प्रसार या विश्व बैंक से जबरदस्ती दिये जाने वाला किसी भी देश को लोन हो ! सभी पर इनका नियंत्रण होता है !
“आर्थिक हिट मैन” के ज्यादा तर कार्यालय अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों में होते हैं !
इसीलिए पूरी दुनिया के राजनीतिज्ञ चुनाव लड़ने के पहले और चुनाव जीतने के बाद अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों की यात्रा अवश्य करते हैं !!
शेष आप स्वयं समझदार हैं !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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