आज से 11 वर्ष पूर्व जब हमारे गुरुदेव श्री योगेश कुमार मिश्र जी ने सनातन ज्ञान पीठ की स्थापना की थी ! तब स्थापना प्रबोधन के अवसर पर उन्होंने बतलाया था कि 3 जून 2027 में शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे ! इसके पूर्व पाकिस्तान प्रभावहीन होकर खत्म हो जाएगा ! जो आज हो गया है !
लेकिन तब तक तृतीय विश्व युद्ध अपने चरम पर होगा और विश्व की कई महाशक्तियां इस विश्व युद्ध के दौरान आर्थिक रूप से कंगाल होकर नष्ट हो जायेंगी !
उन देशों के नागरिक अपने सरकार की नीतियों के विरुद्ध बड़े-बड़े आंदोलन करेंगे, जिससे इन तथाकथित महान देशों में बिखराव की स्थिति बन जाएगी !
उस समय मानवता इस शताब्दी में अपने रक्षा के लिए चरम पर संघर्ष कर रहा होगा ! पूरी दुनिया में भुखमरी और विनाश का वातावरण होगा ! ऐसे में अनेकों प्रकृतिक आपदाएं भी होंगी ! किसी को कोई भी रास्ता नहीं सूझ रहा होगा ! ऐसे में वही बचेगा जो भगवान शिव की शरण में होगा ! बाकी सब नष्ट हो जायेंगे !
उसे स्थिति में मानवता को दिशा देने के लिए भगवान शिव के निर्देश पर मैं इस सनातन ज्ञान पीठ की स्थापना कर रहा हूं !
इस बात की घोषणा हमारे गुरुदेव ने आज से 10 साल पूर्व कर दी थी ! जिसका वर्णन समय समय पर वह अपने वक्तव्यों में भी करते रहते हैं !
उस समय उनके द्वारा बतलाई गई सभी घटना आज उसी क्रम से सत्य सिद्ध हो रही हैं ! इस पृथ्वी पर सब कुछ वैसा ही घटित हो रहा है जैसा कि उन्होंने सनातन ज्ञान पीठ के स्थापना दिवस के दिन 13 नवम्बर 2013 दिन बुद्धवार को सायंकाल 03 बजे, देव प्रबोधनी एकादशी को मीन लग्न, मीन राशि, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, नक्षत्र स्वामी शनि के ही नक्षत्र काल में बतलाया था !
उसे समय उच्च का शनि अपने पिता नीचे के सूर्य के साथ शुक्राचार्य की राशि तुला में गुप्त विद्या के अष्ठम भाव में गोचर कर रहा था ! साथ में कलयुग के देवता राहु भी थे तथा ग्रहों में बालक बुद्ध भी न्याय के देवता शनि के साथ थे ! बुद्ध का शनि, राहु, सूर्य का एक साथ होना इस बात की सूचना थी कि अब कलयुग में नये युग का उदय, नव ऊर्जा के साथ होने वाला है !
उसे समय बृहस्पति और शुक्र दोनों केंद्र में आमने-सामने थे तथा काल की कुंडली में बृहस्पति, शुक्र और बुद्ध का त्राष्टक योग बन रहे थे ! ऐसा सुयोग काल परिवर्तन के समय ही बनता है !
मंगल सूर्य की राशि सिंह में शत्रु भाव में बैठा था अर्थात यह प्रबल शत्रुहनता योग था ! ऐसी स्थिति में जो भी व्यक्ति भगवान शिव के कार्य में अवरोध करेगा, वह स्वत: नष्ट हो जाएगा !
केतु स्वयं कुंडली के द्वितीय धन भाव में कुंभ अर्थात कुबेर की राशि पर विजय ध्वज लेकर बैठा था अर्थात इस महा अभियान से जोड़ने वाला व्यक्ति कभी भी आर्थिक रूप से परेशान हो ही नहीं सकता है !
तथा चंद्रमा स्वयं बृहस्पति की मीन राशि में लग्न में मौजूद है, जो सदैव गुरु बृहस्पति के निर्देश पर संतुलित निर्णय लेने की सूचना देता है !
ऐसे प्राकृतिक सुयोग के अवसर पर हमारे गुरुदेव ने भगवान शिव की आज्ञा से सनातन ज्ञान पीठ की स्थापना की थी ! जिसके कार्य फलित होने का समय अब आ गया है !
उस समय तो मुझे उनकी बातें विश्वसनीय नहीं लगती थी, लेकिन परिस्थितियों के बदलने के साथ अब मुझे पूरा विश्वास हो गया है कि तृतीय विश्व युद्ध निकट भविष्य में अपने भीषण स्वरूप में आने वाला है !
ऐसी स्थिति में इस पृथ्वी पर मानवता को दिशा देने के लिए एक प्रबुद्ध समाज की परम आवश्यकता है !
जिसके लिए सनातन ज्ञान पीठ लोक कल्याण महा अभियान के द्वारा समाज के प्रबुद्ध लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करके भगवान शिव के निर्देश पर मानवता को दिशा देने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना के तहत कार्य कर रही है !
आप सभी साथियों से हमारा अनुरोध है कि आप सभी सनातन ज्ञान पीठ से जुड़कर गुरुदेव के बतलाए हुए मार्ग पर चलकर एक ऐसे प्रबुद्ध समाज की स्थापना करें, जो कि आने वाले समय में जब पूरी दुनिया तृतीय विश्व युद्ध की त्राहि त्राहि कर रही हो तब मानवता को सही दिशा देने के लिए यह प्रबुद्ध समाज आगे आकर गुरुदेव के दिशा में विश्व स्तर पर कार्य कर सके !
इसीलिए मैं कहता हूं कि सनातन ज्ञान पीठ निश्चित रूप से ईश्वर की इच्छा पर कार्य कर रही है !!
सचिन देव
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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