कोई कमी नहीं है “आदिपुरुष” में : Yogesh Mishra

आदिपुरुष, हिंदू महाकाव्य रामायण का एक रूपांतरण , 18 अगस्त 2020 को एक प्रचार पोस्टर के माध्यम से घोषित किया गया था ! प्रभास ने ओम राउत के निर्देशन में भगवान राम का किरदार निभाया है, जिन्होंने पहले पीरियड एक्शन फिल्म तन्हाजी (2020) का निर्देशन किया था ! 

ओम राउत 1996 की जापानी फिल्म रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम से प्रभावित थे और उन्हें आधुनिक तकनीक का उपयोग करके रामायण को अनुकूलित करने के लिए प्रेरित किया गया था  ! राउत ने भारत में COVID-19 लॉकडाउन के बीच पटकथा लिखी ! प्रभास को तुरंत प्रोजेक्ट पसंद आया और प्रोडक्शन कंपनी टी-सीरीज़ फिल्म्स प्रोजेक्ट के लिए बोर्ड पर थी !

इस फिल्म की मुख्य फोटोग्राफी फरवरी 2021 में शुरू हुई, और नवंबर 2021 में समाप्त हुई, जिसमें प्राथमिक फिल्मांकन मुंबई में हो रहा था ! यह फिल्म 16 जून 2023 को सभी सिनेमा घरों में रिलीज हुई !

500 करोड़ के बजट के साथ आदिपुरुष अब तक की सबसे महंगी भारतीय फिल्मों में से एक है ! दृश्य प्रभावों पर 250 करोड़ खर्च किए जाने का अनुमान है ! इसे हिंदी और तेलुगु भाषाओं में एक साथ शूट किया गया है, और इसे 3डी में फिल्माया गया है !

फिल्म ने मात्र चार दिनों में की 375 करोड़ की कमाई.की है और मात्र एक माह में हजार करोड़ से अधिक की कमाई का अनुमान है !

आइए अब चर्चा करते हैं आलोचना की

 आदि पुरुष आधुनिक तकनीक से निर्मित के बच्चों के लिए एक अच्छी कार्टून फिल्म है ! इसमें जो आधुनिक उच्य तकनीक का इस्तेमाल किया गया है ! उसे देखकर और फिल्म के डायलॉग को सुनकर यह निष्कर्ष निकलता है कि यह बच्चों के लिए बनाई गई एक अच्छी मनोरंजक फिल्म है !

 अब मेरा प्रश्न यह है कि बच्चों के लिए बनाई गई फिल्म को बड़े अर्थात तथाकथित बुद्धिजीवी लोग बिना अपनी बुद्धि का प्रयोग किए हुए जबरदस्ती देखने क्यों जा रहे हैं ?

 यदि इस संपूर्ण फिल्म को बाल बुद्धि मनोरंजन के लिये अर्थात बच्चों के दृष्टिकोण से देखा जाये तो इसमें कोई भी कमी नहीं नजर आती है !

 रही विकृति की बात तो महर्षि भरद्वाज ने भी महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित वैदेही चरित्र ग्रन्थ को विकृत करके रामायण का निर्माण करवाया था ! गोस्वामी तुलसीदास ने भी अपने रामचरितमानस में और रामलीला के प्रदर्शन में हजार से अधिक ऐसी गलतियों को किया हैं जो तथाकथित रामायण से मेल नहीं खाती हैं ! अनेकों स्थान पर  रामानंद सागर के रामायण में भी त्रुटियां निकाली जा सकती है !

गीता प्रेस की रामचरितमानस में भी सैकड़ों गलतियाँ हैं ! जिनका विरोध आज तक तथाकथित किसी हिन्दू धर्म प्रेमी ने नहीं किया !

कुल मिला कर आदिपरुष आधुनिक तकनीक से निर्मित बच्चों के लिए बनाई गई एक अच्छी ग्राफिक फिल्म है ! इसकी जबरदस्ती आलोचना करना तथाकथित बुद्धिजीवियों के मंदबुद्धि होने की सूचना है !!

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

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मोबाईल : 9453092553

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