तंत्र द्वारा की जाने वाली चिकित्सा भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति में से एक है ! इसके जनक अनादि देवता भगवान शिव हैं ! उन्होंने मानसिक शक्तियों से किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह से गंभीर से गंभीर रोग से मुक्त किया जा सकता है ! उसकी प्रयोग विधि बतलाइए है !
यह सामान्य झाड़ फूंक से एकदम अलग चिकित्सा विज्ञान है !
इस चिकित्सा पद्धति में मस्तिष्क के विशेष हिस्से में जीवनी ऊर्जा का प्रवाह करके पीड़ित व्यक्ति के शरीर में जीवनी ऊर्जा के अवरुद्ध प्रवाह को ठीक किया जाता है ! जिससे वह पीड़ित व्यक्ति तत्काल आराम महसूस करता है और मात्र दो-तीन दिन में ही पूरी तरह ठीक हो जाता है !
इससे लाभ लेने वाले दर्जनों व्यक्तियों के उदहारण आज सनातन ज्ञान पीठ में उपलब्ध हैं ! जिन व्यक्तियों की तंत्र द्वारा चिकित्सा की गई और वह अब पूरी तरह स्वस्थ्य हैं ! ऐसे साक्षात् उदहारण आज हमारे सामने मौजूद हैं !
जिसमें 10-20 साल से पीड़ित दर्जनों व्यक्तियों के केस हैं ! इसमें पैरालिसिस, किडनी ट्रांसप्लांट, हार्टअटैक. सोरय्सेस जैसे गंभीर विषय भी शामिल हैं ! जो भारत के बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज करवा कर ठीक नहीं हुये वह मानसिक शक्तियों की चिकित्सा से मात्र 2 से 3 दिन में ही भगवान शिव की कृपा से ठीक हो गये !
किंतु वर्तमान आधुनिक चिकित्सा पद्धति के प्रभाव में यह विद्ध्या विलुप्त हो चुकी है ! जिसे पुनः जाग्रत और लोक प्रिय करने की आवश्यकता है !
इस हेतु सनातन ज्ञान पीठ ने एक विशेष मानसिक ऊर्जा से व्यक्ति को कैसे ठीक किया जा सकता है ! इसका एक विशेष कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है ! जिसमें लोक कल्याण के लिये कुछ विशेष साधनाएँ बतलाई जायेंगी !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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मोबाईल : 9453092553
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