जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वैश्विकरण के बाद विश्व अनेक विषाणु युद्धों के दौर से गुजर रहा है ! फिर चाहे वह एच.आई.वी. हो, इबोला हो या फिर कोरोना !
दवाई बनाने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां इस तरह के प्रायोजित विषाणु युद्धों के माध्यम से कमजोर और अविकसित देशों के बहुत बड़े धन को चिकित्सा और टीकाकरण के नाम पर हड़प लेती हैं !
और इन विषाणु हमले का ठीकरा मीडिया द्वारा किसी अन्य प्रतिद्वंदी विकसित देश पर लाद दिया जाता है !
ठीक ऐसा ही एक वैश्विक विषाणु हमला फरवरी 2024 में विश्व स्तर पर प्रायोजित था ! जिसे प्रोजेक्ट डिजीज ‘X’ नाम दिया गया था !
जिसमें विश्व स्तर पर लगभग 5 से 10 करोड़ व्यक्तियों के मरने की संभावना थी और दवा, वैक्सीन,चिकित्सीय उपकरण बनाने वाली कंपनियां का लाभ कितना अपेक्षित था, इसे सामान्य गणित से समझाया जाना संभव नहीं है !
जिसके लिए समाज का मन मस्तिष्क तैय्यार करने के लिए अभी से अंतर्राष्ट्रीय पटल पर इस विषाणु हमले की चर्चा शुरू कर दी गई थी !
किंतु इसी बीच हमास का इसराइल पर आक्रमण हुआ ! जिसके पीछे ईरान और चीन जैसे विकसित देशों के होने की संभावना दिखाती है !
इस युद्ध में अभी तक विश्व के 84 देशों ने इजरायल के साथ होने की सहमति दी है वहीँ दूसरी तरफ चीन तथा 16 मुसलिम देश हमास के साथ हैं !
अगर यह युद्ध छ: महीने से अधिक चल गया, तो बहुत संभावना है कि प्रोजेक्ट डिजीज ‘X’ वैश्विक विषाणु हमला विश्व नियंताओं द्वारा कुछ समय के लिए लंबित कर दिया जाये !
और कहीं इस बीच ईरान ने यदि यूरोप और एशिया को जोड़ने वाले जलमार्ग को रोक दिया तो यह प्रोजेक्ट डिजीज ‘X’ कुछ और समय के लिए लंबित हो सकता है !
अर्थात कहने का तात्पर्य है कि सभी विषाणु हमले प्रायोजित होते हैं ! इस पर और अध्ययन, विचार और आत्मरक्षा के लिए रणनीति की जरूरत है !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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