युद्ध का धन्धा

क्या आपने यह महशूश किया कि जब जब निवेश का हर सेक्टर अपने चरम पर होता है तब तब निवेशक अपना लाभ बुक करके निवेश अवसर को पुन: बनाने के लिये पूरी दुनियां में लाशों के ढेर लगा देते हैं…

क्या आपने यह महशूश किया कि जब जब निवेश का हर सेक्टर अपने चरम पर होता है तब तब निवेशक अपना लाभ बुक करके निवेश अवसर को पुन: बनाने के लिये पूरी दुनियां में लाशों के ढेर लगा देते हैं…

शुक्राचार्य का ‘असुर दर्शन’ और आधुनिक ‘इल्युमिनाटी’ की कार्यप्रणाली एक ही धुरी पर घूमते हैं ! दोनों ही भौतिक जगत पर अपना पूर्ण और निर्विवाद नियंत्रण चाहते हैं। ‘असुर’ आचार्य शुक्राचार्य का सिद्धांत शुद्ध भौतिकवाद है और आधुनिक ‘इल्युमिनाटी’ की…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वैश्विकरण के बाद विश्व अनेक विषाणु युद्धों के दौर से गुजर रहा है ! फिर चाहे वह एच.आई.वी. हो, इबोला हो या फिर कोरोना ! दवाई बनाने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां इस तरह के…

300 ईसा पूर्व से 13वीं सदी चोल वंशियों का दक्षिण भारत पर शासन था ! अर्थात 1600 वर्षों तक कावेरी नदी घाटी में इस राजवंश ने शासन किया था और इनकी राजधानी तमिलनाडु स्थित वरायूर (अब तिरुचिरापल्ली) थी ! चोल…

रूस ने अमेरिका और यूक्रेन दोनों पर आरोप लगा है कि के.जी.बी. के अनुसार पैथोजन्स बायोलॉजिकल लैब और कैमिकल लैब्स में यूक्रेन और अमेरिकी वैज्ञानिकों की निगरानी में घातक जैविक हथियारों पर रिसर्च का काम हो रहा है ! रूसी…

रूस की क्रांति के प्रभाव भारत में न केवल क्रांतिकारियों मजदूर और राजनीतिक संगठनों एवं राष्ट्रीय नेताओं पर ही पड़े बल्कि भारतीय महिलाएं भी इसके प्रभाव से अछूती न रह सकीं ! अंग्रेजी सरकार ने भारत में रूस की…

वैश्विक आंदोलन ‘सेव सॉयल’ के हिस्से के रूप में, ईशा फाउंडेशन और ‘कॉन्शियस प्लैनेट मूवमेंट’ के संस्थापक, जग्गी वासुदेव उर्फ़ सद्गुरु जी महाराज 21 मार्च 2022 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपनी मोटरसाइकिल यात्रा लंदन से शुरू कर…

1911 में चीन में एक राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक क्रांति हुई और किंग राजवंश को उखाड़ फेंका गया और उसके स्थान पर चीन एक गणतंत्र के रूप में जाना गया ! शिन्हाई विकास, जैसा कि इसे कहा जाता था ! चीन में…
विश्व सत्ता का विश्वव्यापी षडयंत्र जो आज पूरी दुनिया को अपने प्रभाव में लिये हुये है ! घर घर में लाशें गिर रही हैं, कहीं घर के बुजुर्ग मुखिया मर रहे हैं तो कहीं जवान बेटे ! अब तो विश्वव्यापी…

क्या आप जानते हैं कि पुराने ज़माने में रजवाड़ों में एक पिटोला परंपरा हुआ करती थी ! इस पिटोला परंपरा का कार्य राजा का मानसिक संतुलन ठीक बनाये रखना होता था, क्योंकि जब राज दरबार में राजा के समक्ष न्याय…