आपका मानसिक विचार ही आपका संसार है

जीवन के सुख दुःख, समृद्धि आभाव, यश अपयश यह सब आपके मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति मात्र है अर्थात आपका मानसिक विचार ही आपका प्रगति पूर्ण संसार है, यही पूंजी है, संसाधन है, न कि कोई बजट और न ही ईट पत्थर से निर्मित कोई भवन !

दुनिया में सब कुछ आपकी मानसिक ऊर्जा से प्रकट और विलुप्त होता है, जिसे आप जीवन भर सुख या दुःख के रूप में भोगते हैं ! संसार का समस्त सुख ऊर्जा रूप में आपके आसपास ही विद्यमान है, बस आप वृत्ति के आवेग में उस ऊर्जा से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए वह आपके सामने प्रकट नहीं हो रहा है !

ज्योतिष का गूढ़ रहस्य भी यही है ! ग्रह सीधे दंड या पुरस्कार नहीं देते, वह आपके विचारों में सूक्ष्म कंपन पैदा करते हैं। जिससे आपके हार्मोन बदलते हैं, फिर विचार की ऊर्जा उसी विचार को तत्व रूप बना कर प्रगट कर देती है, या भय बना कर दंडित करती है। यही ईश्वरीय व्यवस्था है।

योग वासिष्ठ भी घोषणा करता है  कि “मनः कर्तृ मनो हर्तृ”। मन ही कर्ता, मन ही हर्ता। बृहदारण्यक उपनिषद सूत्र बतलाते हैं कि “यथा संकल्पः तद्भवति”। जैसा संकल्प, वैसा जीवन में घटता है। ग्रह-नक्षत्र तो मात्र ईश्वरीय कार्यपालिका हैं। आप जैसा इस संसार में कर्म करके आकर्षित करेंगे, आपके जीवन में ईश्वर आपको वैसा ही वापस कर देगा !

शनि पीड़ा देने नहीं आता, वह ‘विलंब’ का विचार देता है। मंगल युद्ध नहीं कराता, वह ‘साहस’ का भाव जगाता है। विचार बदला कि ग्रह-फल बदला। रावण का अहंकार-विचार ही शनि को दंडकर्ता बना देता है, वही शनि हनुमान के सेवाभाव-विचार के आगे कृपाकर्ता बन जाते हैं ! इसलिये आपकी ग्रह-दशा नहीं, मनोदशा देखो !

पुरुषार्थ या पलायन आपके विचारों के हांथ में है और जीवन के वह वैचारिक चुनना ही आपकी नियति बन जाते हैं ! शनि की साढ़ेसाती में न्यायाधीश ईमानदार रहता है, तो पदोन्नति मिलती है। वही साढ़ेसाती में न्यायाधीश भ्रष्ट होता है तो वह निलंबित होता है। ग्रह ने ‘कसौटी’ दी है, ‘सजा’ नहीं। आप वैचरिक कसौटी पर ईश्वर के अनुरूप चलकर परिणाम बदल सकते हैं यह समर्थ ईश्वर ने आपको दिया है !

इसी लिये गीता कहती है — _“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”। ग्रह बस सिर्फ फल देते हैं, पर कर्म का चुनाव विचार आपके हांथ में है।

इसलिये कहीं मत भागो, बस अपने विचारों को बदलो और सुखी रहो, यही ईश्वरीय व्यवस्था है !!

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये

मोबाईल : 9453092553

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