योग्यता को फलित करने की ऊर्जा
सफलता क्यों नहीं मिलती? हम सब जीवन में सफल होना चाहते हैं। हम दिन-रात मेहनत भी करते हैं, लेकिन फिर भी कई बार हमें वो सफलता नहीं मिलती जो हम चाहते हैं। इसका कारण यह है कि हम सिर्फ शरीर और दिमाग से मेहनत करते हैं, जबकि सफलता का असली राज भगवान शिव की आठ गुप्त आध्यात्मिक पराशक्तियों में छिपा है।
भगवान शिव की 8 गुप्त शक्तियाँ जो शैव शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान शिव ने दुनिया में सफल होने के लिए 8 तरह की विशेष शक्तियों को बनाया है। ताकि व्यक्ति ईश्वरीय ऊर्जा के नियंत्रण में रहे निरंकुश न हो ! कोई इन ऊर्जाओं का गलत इस्तेमाल न कर सके, इसके लिये उन्होंने इन 8 खजानों पर 8 पहरेदार (गार्ड) बिठा रखे हैं। इन्हें ‘भैरव’ या ‘कोतवाल’ कहा जाता है।
यह 8 पहरेदार इन चीजों के मालिक हैं:
ज्ञान भैरव: (सही समझ देने वाले)
धर्म भैरव: (सही रास्ता दिखाने वाले)
कर्म भैरव: (काम को सफल बनाने वाले)
अर्थ भैरव: (धन-दौलत देने वाले)
राज भैरव: (पावर और कुर्सी देने वाले)
कीर्ति भैरव: (नाम और इज्जत देने वाले)
मुक्ति भैरव: (चिंताओं से आजाद करने वाले)
शिव भैरव: (सृष्टि के नियम समझाने वाले)
माया के जाल से मुक्त होने की असली चाबी इन्हीं 8 भैरव (पहरेदार) के पास है ! जब तक आप इनका आशीर्वाद नहीं लेते तब तक आप चाहे कितनी भी मेहनत कर लें, आप दुनिया के माया-जाल में फंसे ही रहेंगे। बड़े-बड़े पुरषार्थी और यहाँ तक कि देवता भी इस राज को न जानने के कारण अनेकों बार असफल हुये हैं।
इस बंद दरवाजों की चाबी इन पहरेदारों से लेने का एक मात्र तरीका है, ‘ब्रह्मास्मि क्रिया योग’ साधना द्वारा अपने को परिपक्व करना। यह वह तरीका है जिससे हम इन पहरेदारों को खुश करके इस संसार में सफलता पा सकते हैं।
सचिव
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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