सभी रहस्यों की चाबी ब्रह्मास्मि क्रिया योग है
संसार में सफल होने के लिये भगवान शिव ने अपने प्रिय पार्षदों को अलग अलग समय पर आठ अत्यंत गुप्त विद्याओं का ज्ञान दिया था !
और इन आठों ऊर्जाओं का दुरुपयोग न हो, इसके लिये उन्होंने आठों ऊर्जाओं के संतुलन के लिये आठ अलग अलग गुप्त भैरव (अर्थात दिव्य संरक्षक या कोतवाल) नियुक्त किये थे ! जो कुछ विशेष शर्तों पर ही देव उर्जाओं के उपयोग की आज्ञा देते हैं !
ज्ञान भैरव. धर्म भैरव. कर्म भैरव. अर्थ भैरव. राज (राज्य) भैरव. कीर्ति भैरव. मुक्ति भैरव और शिव भैरव (ईश्वरीय कार्य कारण का ज्ञान) !
अर्थात इस सृष्टि में ज्ञान. धर्म. कर्म. अर्थ. राज (राज्य). कीर्ति. मुक्ति और कार्य कारण की व्यवस्था यह सभी कुछ शिव के दिव्य ऊर्जा के आधीन हैं और जो इस रहस्य को नहीं जानता है वह मात्र पुरषार्थ से इस माया क्षेत्र को पार नहीं कर सकता है !
तभी बड़े बड़े पुरषार्थी बिना इस रहस्य को न समझने के कारण माया क्षेत्र को पार नहीं कर पाये हैं फिर वह चाहे भगवान ही क्यों न हों !
अब इसी गुप्त किन्तु दिव्य रहस्य पर एक विशेष सत्र सनातन ज्ञान पीठ में गुरुदेव श्री योगेश कुमार मिश्र जी द्वारा आरम्भ किया जा रहा है ! जिस विशिष्ट सत्र में आप जुड़ सकते हैं !
और अधिक जानकारी के लिए कार्यालय में संपर्क कीजिये ! कार्यालय का नम्बर – 94530 92553 है !
सचिव
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये
मोबाईल : 9453092553
